तेजपाल ने बताया कि उनका बेटा न्यू रोहतक रोड, करोल बाग की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। आखिरी बार बेटे से 19 सितंबर को बात हुई थी। बेटे ने अपनी आखिरी कॉल में बताया थ कि वह परेशानी में है, उसे रुपयों की जरूरत है।
यूपी के बिजनौर का रहने वाला एक युवक दिल्ली में नौकरी करता था। यहां उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग का चस्का लग गया। आरोपी ने अपने रुपयों के अलावा दोस्तों से रुपये उधार लेकर भी शेयर में लगा दिए। नुकसान होने पर उसे कुछ समझ नहीं आया तो आरोपी ने खुद के ही अगवा होने की साजिश रचकर घर वालों से रुपये मांगने का प्रयास किया। लेकिन मध्य दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड थाना पुलिस ने साजिश से पर्दा उठाकर आरोपी सुशांत (24) को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। सुशांत के गायब होने के बाद बिजनौर से दिल्ली आए उसके पिता ने ही 27 सितंबर को देशबंधु गुप्ता रोड थाने में उसके अगवा होने और फिरौती मांगने की शिकायत दी थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। मध्य जिले की पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि 27 सितंबर की शाम को गांव सौफतपुर, नंगलासोती, बिजनौर निवासी तेजपाल सिंह ने अपने बेटे सुशांत के अगवा होने की सूचना देशबंधु गुप्ता रोड थाना पुलिस को दी थी।
करोल बाग की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है
तेजपाल ने बताया कि उनका बेटा न्यू रोहतक रोड, करोल बाग की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। आखिरी बार बेटे से 19 सितंबर को बात हुई थी। बेटे ने अपनी आखिरी कॉल में बताया थ कि वह परेशानी में है, उसे रुपयों की जरूरत है। तेजपाल ने अलग-अलग छह ट्रांजेक्शन में 75 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बाद 27 सितंबर की सुबह को तेजपाल के छोटे बेटे के मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज में बताया गया था कि सुशांत ने 1.50 लाख रुपये लोन उससे लिया था। सुशांत ने 75 हजार रुपये तो दे दिए थे अब बाकी 75 हजार रुपये और देना है। रुपये नहीं दिए गए तो सुशांत की जान को भी खतरा है। लगातार सुशांत का मोबाइल बंद चल रहा था। पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
विज्ञापन
पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि सुशांत का मोबाइल लगातार 24 सितंबर से बंद था। बस मैसेज करने के लिए उसका मोबाइल खोला गया था। जांच में पता चला कि तेजपाल द्वारा भेजे गए रुपयों को यूपीआई के जरिये एक विदेशी एप में भेजा गया था। सुशांत की कंपनी में जांच की तो पता चला कि वह आठ सितंबर को आखिरी बार वहां आया था। सैलरी लेने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी। पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की।
शेयर ट्रेडिंग में उसे भारी नुकसान हुआ
इस दौरान सुशांत के पिता ने 28 सितंबर को 11 हजार रुपये बेटे के खाते में डाल दिए। यह रकम भी फौरन यूपीआई के जरिये विदेशी एप में भेज दी गई। पुलिस ने काफी प्रयासों के बाद सुशात को गांधी मैदान, चांदनी चौक से दबोच लिया। वह वहां घूमता हुआ मिला। उसने बताया कि रुपयों की जरूरत की वजह से उसने खुद के अपहरण की साजिश रची और पिता से पैसे मांगे थे। उसे पिछले एक साल से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का चस्का लग गया है। शेयर ट्रेडिंग में उसे भारी नुकसान हुआ। उसने दोस्तों से उधार लेकर भी रकम लगा दी थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।