नई दिल्ली। मध्य दिल्ली के चांदनी महल इलाके में एक महिला की सिर पर भारी वस्तु से वारकर हत्या कर दी गई। मृतका की शिनाख्त मुमताज परवीन (55) के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम को पड़ोसियों को उसके घर से दुर्गंध आई तो पुलिस को खबर दी गई। पुलिस को कमरे से सड़ी-गली हालत में मुमताज का शव बरामद हुआ। पाकिस्तानी नागरिक से शादी करने के बाद मुमताज के पास पाक की नागरिकता थी। इसके पूर्व पति का परिवार मेरठ में रहता है। पुलिस उनका पता लगाने का प्रयास कर रही है। महिला के खिलाफ 1997 में अवैध रूप से भारत में रहने का मामला दर्ज हुआ था। हालांकि महिला ने वर्ष 2014 में दोबारा भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था। चांदनी महल थाना पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस वारदात में किसी करीबी का हाथ होने की आशंका जता रही है।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब छह बजे पुलिस को सूचना मिली कि चांदनी महल के छत्तालाल मियां स्थित एक मकान में तेज दुर्गंध आ रही है। खबर मिलते ही पुलिस कमरे पर पहुंची तो वहां बाहर से ताला लगा हुआ था। ताला तोड़कर पुलिस ने कमरे में प्रवेश किया तो अंदर बेड पर मुमताज का शव पड़ा हुआ था। उसके गले और सिर पर वार के निशान थे। जांच के दौरान पुलिस को मृतका के पास से एक आधार कार्ड बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला मूलरूप से मेरठ की रहने वाली थी। वर्ष 1980 में महिला की मेरठ के एक मौलाना से शादी हुई थी। इनके तीन बच्चे हुए। बाद में मौलाना ने महिला को तलाक दे दिया। इसके बाद मुमताज ने पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल वहाब से शादी कर दी। इसके बाद मुमताज को पाकिस्तानी नागरिकता मिल गई। पाकिस्तानी पति की मौत के बाद मुमताज वापस भारत में आ गई और अवैध रूप से पुरानी दिल्ली के चांदनी महल इलाके में रहने लगी। वह लगातार अपने बच्चों के संपर्क में भी रही। पुरानी दिल्ली में ही रहने के दौरान मुमताज ने तीसरी शादी कर ली। चार-पांच माह पूर्व उसके तीसरे पति की मौत हो गई थी।
मुमताज की हत्या के बाद कुछ लोगों ने यह दावा किया कि सीरियल ब्लास्ट के मामले में मुमताज को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। इसके अलावा नकली नोट के मामले में भी उस पर एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। पुलिस इसकी जांच की बात कर रही है।