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Delhi News: अमेजन प्राइम पर वेब सीरीज देखकर छाप रहे थे नकली नोट

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राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण
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पांच गिरफ्तार, 19.74 लाख के नकली नोट बरामद
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गैंग का किया खुलासा
आरोपियों में एक राजस्थान के सरकारी स्कूल में अध्यापक है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अमेजन प्राइम वीडियो पर वेब सीरीज देखकर नकली नोटों का धंधा करने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं। आरोपियों की पहचान नागौर, राजस्थान, निवासी व गैंग सरगना सकूर मोहम्मद (25), शिवलाल (30), इसके भाई संजय गोदारा (22), डूंगरपुर, राजस्थान निवासी हिमांशु जैन (47) और लोकेश यादव (28) के रूप में हुई है।
आरोपियों के पास से पुलिस ने 19.74 लाख के नकली नोट (सभी 500 के नोट), कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, दो कारें समेत भारी मात्रा में आधे छपे नोट व अन्य सामान बरामद किए हैं। ज्यादातर आरोपी ठीक-ठाक पढ़े-लिखे हैं। इनमें लोकेश यादव राजस्थान के सरकारी स्कूल में टीचर है। बाकी सभी आरोपी सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। आरोपी शिवलाल तो एनसीसी का सी-सर्टिफिकेट होल्डर है। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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अपराध शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि कुछ समय से देखा जा रहा था कि दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में नकली नोटों का धंधा हो रहा था। पुलिस उपायुक्त सतीश कुमार, एसीपी रोहताश कुमार व अन्यों की टीम को खबर मिली कि नकली नोट का धंधा करने वाले सकूर मोहम्मद और लोकेश यादव अक्षरधाम मंदिर के पास आने वाले हैं। पुलिस टीम ने अक्षरधाम मंदिर के पास जाल बिछाकर आरोपी सकूर मोहम्मद और लोकेश यादव को दबोच लिया। इनके पास से छह लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में सकूर ने बताया कि वह हिमांशु जैन, शिवलाल और उसके छोटे भाई संजय के साथ मिलकर नकली नोटों का धंधा कर रहा था। इन लोगों ने अजमेर, राजस्थान में किराए का मकान लेकर नकली नोट छापने का सेटअप लगाया हुआ था।
ऐसे छापे जा रहे थे नकली नोट
पूछताछ में सकूर ने खुलासा किया कि वह अमेजन प्राइम की वेब सीरीज फर्जी से काफी प्रभावित हुआ। सीरीज देखकर उसने नकली नोट छापने का मन बनाया। उसे केमिकल और स्याही का अच्छा ज्ञान था। कुछ उसने यू-ट्यूब देखकर सीख लिया। उसने अपने दोस्त शिवलाल और राधे नामक युवक को नकली नोट छापने के लिए तैयार किया। इसके लिए मॉनिटर, सीपीयू, 3 कलर प्रिंटर, दो लैपटॉप, नोटों के लिए उसी क्वालिटी का कागज, पैन ड्राइव, लेमिनेशन मशीन, स्याही, केमिकल, हरे रंग का धागा, जिस पर आरबीआई लिखा होता है। इस धागे को इन लोगों ने इंडिया मार्ट से खरीदा था।
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कौन हैं पकड़े गए आरोपी
सकूर मोहम्मद ग्रेजुएट है, 2015 में वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अजमेर आया था। शिवलाल ग्रेजुएट होने के अलावा एनसीसी, सी-सर्टिफिकेट होल्डर है। वह 2011 में अजमेर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आया था। हिमांशु जैन भी ग्रेजुएट है, उसने कंप्यूटर कोर्स किया हुआ है, इसका काम नकली नोटों के ग्राहक ढूंढना था। लोकेश यादव ने बीए-बीएड किया हुआ है। वह सरकारी स्कूल में टीचर है। संजय गोदारा 12वीं पास है, वह इंटर के बाद अजमेर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आ गया था।
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