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न्यूजक्लिक विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी के आधार का खुलासा न करने पर उठाया सवाल, पुलिस से मांगा जवाब

Fri, 06 Oct 2023 07:52 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजक्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को हिरासत में लेने के लिए रिमांड आवेदन में गिरफ्तारी के आधार न बताने पर सवाल उठाया है। अदालत ने पुलिस को याचिका पर जवाब देने और केस डायरी पेश करने के लिए कहा है। 
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दिल्ली हाईकोर्ट
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दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूजक्लिक के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और इसके एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को हिरासत में लेने के लिए रिमांड आवेदन में गिरफ्तारी के आधार न बताने पर सवाल उठाया है। अदालत ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत प्रतीत होता है। लगता है आरोपी के वकील की बात नहीं सुनी गई। अदालत ने यह टिप्पणी आरोपियों द्वारा अपनी गिरफ्तारी की चुनौती याचिका पर सुनवाई करते हुए की।

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न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत प्रतीत होता है। संभवतः एम3एम निदेशकों के मामले में शीर्ष अदालत के फैसले का जिक्र है। अदालत ने सुनवाई नौ अक्तूबर तक स्थगित करते हुए कहा कि जाहिर तौर पर आप रिमांड के लिए आवेदन में गिरफ्तारी के आधार का खुलासा नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आंखों पर पट्टी बांध रहा है। अदालत ने पुलिस को याचिका पर जवाब देने और केस डायरी पेश करने के लिए भी कहा है। अदालत ने निर्देश दिया कि हिरासत में रहने के दौरान अमित चक्रवर्ती के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि अदालत को उनके वकील द्वारा सूचित किया गया है कि वह शारीरिक रूप से अक्षम हैं।

उन्होंने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि ऐसा लगता है कि रिमांड आदेश में कुछ कमी है। वकील को नहीं सुना गया है। पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख में लगाए गए आरोपों के मद्देनजर छापेमारी की एक श्रृंखला के बाद गिरफ्तार किया गया था कि न्यूजक्लिक को चीनी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए भुगतान किया जा रहा था। पुरकायस्थ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यूज़क्लिक संपादक को अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की। हालांकि न्यायाधीश ने इस बात पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि आरोप इस तरह के नहीं लगते कि आपको (आरोपी) तुरंत रिहा किया जा सके।

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