एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि पानी बढ़ने से लोग काफी परेशान हो गए हैं। सरकार ने नाव की व्यवस्था की है, उसी से आना-जाना हो रहा है। पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। जिससे लोगों में हड़कंप मच गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि पानी बढ़ने से लोग काफी परेशान हो गए हैं। सरकार ने नाव की व्यवस्था की है, उसी से आना-जाना हो रहा है। पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
बता दें कि चेतावनी बिंदु पार करने के बाद शनिवार की रात गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। राजस्थान के धौलपुर बैराज से छोड़े गए 18 लाख क्यूसेक पानी का दबाव अब किसी भी समय यहां आ सकता है। इस बीच तालबेहट के माताटीला बांध से 2.93 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
उधर, कानपुर बैराज से भी 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में तेजी बनी हुई है। रात आठ बजे गंगा खतरे के निशान से महज 50 सेमी और यमुना 75 सेमी नीचे बहती रही। जलस्तर में लगातार वृद्धि के चलते दोनों नदियां खतरे के निशान को पार गईं।
देर रात यमुना का जलस्तर तीन और गंगा का चार सेंमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता रहा। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बांधों में जलजबाव बढ़ता जा रहा है। माताटीला बांध प्रखंड के अवर अभियंता जीके मौर्या ने बताया पहले बांध से पहले 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
लेकिन, जल दबाव बढ़ने पर शनिवार को 2.92 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। फिलहाल अभी 48 घंटे तक जलस्तर में वृद्धि बने रहने की आशंका है।