कोरोना से बचाव के लिए बुधवार से 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ। हालांकि, पहले दिन टीकाकरण की रफ्तार काफी धीमी रही। कई अस्पतालों में दोपहर बाद वैक्सीन पहुंचने के बाद टीकाकरण शुरू हुआ।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को 3800 बच्चों को वैक्सीन की खुराक दी गई। हालांकि, दोपहर तक केवल 400 बच्चों को टीका लग पाया था लेकिन इसके बाद टीकाकरण की रफ्तार में थोड़ी तेजी दर्ज की गई।
लोकनायक अस्पताल में बच्चों के टीकाकरण के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य कर्मी नौ बजे से तैयार थे पर टीके की खेप दोपहर बाद पहुंची। इसी तरह आरएमएल अस्पताल में पूरे दिन केवल पांच बच्चों को ही टीकाकरण हो सका। डॉक्टरों का कहना है कि टीकाकरण की रफ्तार धीमी होने की एक वजह यह भी है कि कोविन वेबसाइट पर एडवांस में पंजीयन शुरू नहीं हुआ।
अब तक यह व्यवस्था थी कि टीकाकरण शुरू होने से एक या दो दिन पहले पंजीयन होना शुरू होता था जिससे पहले दिन टीका लगवाने वालों की संख्या काफी रहती थी लेकिन इस बार बच्चों के मामले में पंजीयन उसी दिन शुरू हुआ है जिस दिन टीकाकरण। इसके अलावा होली पर्व के चलते भी बच्चों की संख्या कम रही।
लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि उनके यहां सुबह नौ बजे से ही तय समय पर व्यवस्था थी लेकिन टीका की आपूर्ति दोपहर दो बजे हो पाई जिसके बाद बच्चों के लिए टीका उपलब्ध तो कराया गया लेकिन देर शाम तक वहां कोई बच्चा नहीं आया। सुबह दो बच्चे टीका के लिए पहुंचे थे लेकिन कुछ देर इंतजार के बाद उनके अभिभावक वापस घर चले गए।
इन्हें लगेगी वैक्सीन
दिल्ली में 12 से 13 साल के 1.64 लाख लड़के और 1.4 लाख लड़कियां और 13 से 14 साल के 1.67 लाख लड़के व 1.44 लाख लड़कियों को टीका लगाना है।
भव्या शंकर ने ली पहली डोज
राजधानी में बच्चों का पहला टीकाकरण आरएमएल अस्पताल में हुआ। यहां 13 वर्षीय भव्या शंकर ने कोर्बेवैक्स की पहली खुराक ली। नई दिल्ली निवासी भव्या ने टीकाकरण के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जितना पहले सोचा था, उतना डरने वाली बात नहीं है। उनकी उम्र के सभी बच्चों को भी आगे आकर टीकाकरण करवाना चाहिए।
उधर, लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि उनके यहां 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। बुधवार को पहले दिन 12 बच्चों का टीकाकरण किया गया।
इनका पहले कोविड वेबसाइट पर पंजीयन हुआ और उसके बाद टीकाकरण किया गया। डॉ. सुरेश ने बताया कि जिन परिवारों का कोविन पर पहले से पंजीयन मौजूद है। उसमें इस्तेमाल मोबाइल नंबर का बच्चों के टीकाकरण में भी प्रयोग किया जा सकता है और ओटीपी देने के बाद वह फोन नंबर उक्त टीकाकरण से लिंक हो जाएगा।
टीकाकरण के लिए आए बच्चों के साथ एक अभिभावक का प्रवेश मान्य
दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में बुधवार राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाते हुए 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को कोर्बेवैक्स की पहली खुराक दी गई। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के साथ एक अभिभावक के लिए प्रवेश मान्य है। साथ ही टीका लगवाते वक्त भी अभिभावक मौजूद रह सकते हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी में छह लाख से भी अधिक लड़के-लड़कियों का टीकाकरण किया जाएगा।
नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रमुख डॉ. नीलम राव ने बताया कि उनके यहां बच्चों के लिए अलग से टीकाकरण केंद्र बनाया है। टीका लगने के बाद अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो उसके लिए आरएमएल के बाल रोग विभाग के डॉक्टरों को भी तैनात किया गया है। डॉ. नीलम राव ने बताया कि पहले दिन उनके यहां पांच बच्चों को टीका दिया है।