खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कार सवार चार लोगों ने दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन से दो युवकों को पिस्टल दिखाकर अगवा कर लिया। आरोपी दोनों युवकों का एनकाउंटर करने की बात करने लगे। ढाई घंटे सड़कों पर घुमाने के दौरान आरोपियों ने पीड़ितों का मोबाइल से वीडियो बना लिया। इस दौरान आरोपी एक युवक के मुंहबोले मामा की जानकारी जुटाने लगे।
दोनों युवकों को सकुशल मुक्त करने के बदले उन्होंने पांच लाख रुपये की मांग की। बाद में रुपये देने की बात कर दोनों की आंखों पर पट्टी बांधकर उनको ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह कैब से दोनों युवक अपने घर पहुंचे और पुलिस को खबर दी। सीमापुरी पुलिस ने युवकों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित अभिनव चौधरी (21) दिलशाद कॉलोनी में रहता है। वह डीयू के बीए फाइनल ईयर का छात्र है। इसके मुंहबोले मामा ललित के दिल्ली के दुर्गापुरी, महरौली, यमुना विहार और गाजियाबाद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के कोचिंग सेंटर है। शनिवार शाम को मामा ललित ने अभिनव से कहा कि वह दिल्ली से बाहर है, एक लड़का दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन पर उसे मिलेगा और कुछ कागजात देगा।
अभिनव अपने दोस्त विशाल को लेकर दिलशाद गार्डन मेट्रो स्टेशन पहुंचा। यहां जिस लड़के से वह कागजात लेने आया था, उसी लड़के के इशारे पर कार सवारों ने अभिनव व विशाल को अगवा कर लिया। कार में चार लोग थे। सभी के पास पिस्टल थी। सभी ने मास्क भी लगाया हुआ था। आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और अभिनव से कहा कि वह उसका एनकाउंटर करेंगे। आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी। इसके बाद युवकों का वीडियो बनाकर उनकी जानकारी मोबाइल में रिकॉर्ड की।
बाद में आरोपी कहने लगे कि यदि वह छूटना चाहते हैं तो पांच लाख रुपये का इंतजाम कर लें। बाद में रुपये देने की बात कर आरोपियों ने दोनों को ग्रेटर नोएडा में उतार दिया। घर पहुंचकर दोनों ने सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है।