दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रोहिणी कोर्ट में मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र गोगी गिरोह के तीन शार्पशूटर को गिरफ्तार किया है। शार्पशूटर मकोका केस में वांछित थे। एक आरोपी राष्ट्रीय स्तर का किकबॉक्सर रहा है। आरोप हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, अपहरण, प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों की हत्या, उनके परिवार के सदस्यों और उनके खिलाफ चश्मदीदों की हत्या समेत विभिन्न मामलों में वांछित रहा है।
आरोपी तिहाड़ जेल के सहायक अधीक्षक पर फायरिंग में शामिल रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, 11 कारतूस व एक मोटरसाइकिल बरामद की है। स्पेशल सेल डीसीपी राजीव रंजन सिंह के अनुसार एसआई दीपक महला को 16 अप्रैल को विशेष सूचना मिली थी कि मुकेश उर्फ पुनीत अपने दो साथियों के साथ कंझावला में अपने प्रतिद्वंद्वी गिरोह के कुछ सदस्यों की रैकी करने आएगा। एसीपी वेदप्रकाश की देखरेख में इंस्पेक्टर कृष्ण कादियान व बिजेंद्र सिंह की टीम गठित की गई। इस टीम ने बवाना-कंझावला रोड, बवाना में घेराबंदी की। यहां पर तीन युवक काले रंग की पल्सर मोटर साइकिल पर पहुंचे।
पुलिस को देखकर आरोपियों ने हथियार निकाल लिए और पुलिस टीम की तरफ तानकर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने चोर प्याऊ के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान गांव बांकनेर निवासी मुकेश उर्फ पुनीत उर्फ संजू (32), हरविंदर उर्फ मोनू (29) और वीपीओ बुपानिया, जिला झज्जर हरियाणा निवासी शक्ति उर्फ ओम उर्फ बॉक्सर (22) के रूप में हई। शक्ति राष्ट्रीय स्तर का बॉक्सर रहा है। आरोपी प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्य व उनके परिवारों के सदस्यों की हत्या, सहायक अधीक्षक और प्रमुख गवाहों की हत्या की वारदातों में शामिल रहे हैं।
मुकेश ने आठवीं कक्षा की पढ़ाई के बाद कुश्ती करना शुरू किया, मगर पैसे की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ दी। इसने ड्राइवर की नौकरी करना शुरू किया था। ड्राइवरी के दौरान ये अपराधिक प्रवृति के लोगों के संपर्क में आया और फिर अपराध की दुनिया में उतर गया। वर्ष 2012 में नरेला में पेट्रोल पंप लूट की घटना में शामिल रहा है। वर्ष 2015 में जितेंद्र उर्फ गोगी के संपर्क में रहा है। इसके बाद उसके गिरोह में शामिल हो गया। इसने 17 सितंबर, 21 को अपने सहयोगी के साथ तिहाड़ जेल के सहायक जेल अधीक्षक के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जितेंद्र उर्फ गोगी की जब रोहिणी कोर्ट में हत्या कर दी थी तब इसने दिल्ली के पुलप्रह्लापुर गांव में प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि बाद में इसके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके खिलाफ 27 अपराधिक मामले दर्ज हैं।
शक्ति राष्ट्रीय स्तर का किकबॉक्सर रहा है
शक्ति को बचपन से ही बॉक्सिंग में दिलचस्पी थी। इसने घेवरा, सोनीपत, बपरौला और नजफगढ़ में किकबॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली थी। इसने पांच राष्ट्रीय व एक अंतरराष्ट्रीय किकबॉक्सिंग टूर्नामेंट में भाग लिया। राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण और दो रजत जीते। गांव में पुरानी रंजिश के चलते वह अपने चचेरे भाई हरविंदर उर्फ मोनू से उलझ गया और उसके साथ अपराध करने लगा। उसे हरियाणा में लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। वह अपने भाई हरविंदर के साथ नियमित संपर्क में था और मुकेश उर्फ पुनीत से परिचित होने के बाद अपराध के दलदल में धंसता चला गया। ये अपने साले कर्मवीर उर्फ काला के मामले में मुख्य गवाह को मारने की साजिश में शामिल हो गया थाऔर अपनी दुकान में उसकी हत्या कर दी थी। इसके खिलाफ तीन अपराधिक मामले दर्ज हैं। हरविंदर के खिलाफ छह अपराधिक मामले दर्ज हैं।