दक्षिण दिल्ली के एंड्रयूजगंज स्थित अंसल प्लाजा के जिस अकीला रेस्तरां पर साड़ी पहने महिला को प्रवेश से रोकने का आरोप लगा था, वह बंद हो गया है। इस रेस्तरां का संचालन बना लाइसेंस के किया जा रहा था। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने बिना उचित लाइसेंस चल रहे इस रेस्तरां को बुधवार को नोटिस जारी कर संचालन रोकने के लिए कहा था। जवाब में मालिक ने बताया कि उसने यह रेस्तरां बंद कर दिया है।
एसडीएमसी की ओर से 24 सितंबर को जारी नोटिस में कहा गया है कि इलाके के पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर ने 21 सितंबर को जांच के दौरान पाया कि इस रेस्तरां का संचालन बिना किसी हेल्थ ट्रेड लाइसेंस किया जा रहा था। यहां की स्थितियां स्वास्थ्य के लिहाज से भी उचित नहीं थीं। इसने सार्वजनिक स्थान पर अतिक्रमण भी कर रखा था।
पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर ने 24 सितंबर को फिर निरीक्षण किया और पाया कि रेस्तरां ने हालात में कोई सुधार नहीं किया है और उसी प्रकार चल रहा है। इसके बाद एसडीएमसी ने रेस्तरां संचालक को जारी नोटिस में कहा था कि यहां चल रही गतिविधियों को नोटिस मिलने के 48 घंटे के अंदर बंद कर दिया जाए, अन्यथा बिना कोई और नोटिस दिए सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के 27 सितंबर को दिए जवाब में रेस्तरां मालिक ने कहा कि वह इसे तत्काल बंद कर रहा है और किसी को भी इस तरह एसडीएमसी के उचित लाइसेंस के बिना अस्वास्थ्यकर हालात में ऐसा काम नहीं करना चाहिए। कुछ ही दिन पहले एक महिला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा था कि रेस्तरां ने उन्हें प्रवेश करने से महज इसलिए रोक दिया, क्योंकि उन्होंने साड़ी पहन रखी थी। अपने पोस्ट के समर्थन में उन्होंने एक वीडियो क्लिप भी पोस्ट की थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने 23 सितंबर को नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस से इस घटना की जांच करने के लिए कहा था। एजेंसी
आगे हुई ऐसी हरकत तो लगेगा पांच लाख जुर्माना
एसडीएमसी ने निर्णय लिया है कि आगे से किसी होटल या रेस्तरां ने महिलाओं को साड़ी पहनकर अपने यहां आने से रोका तो पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह निर्णय सोशल मीडिया पर एक्विला रेस्तरां में साड़ी पहने महिला को प्रवेश से रोकने की घटना के बाद लिया गया है। बुधवार को हुई एसडीएमसी सदन की बैठक में भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पास किया।
इस दौरान कहा गया कि साड़ी भारतीय पारंपरिक परिधान है। कोई भी किसी महिला को साड़ी पहनकर किसी जगह जाने से नहीं रोक सकता। दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सूर्यान ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, भारतीय पारंपरिक परिधान और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।