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ग्राउंड रिपोर्ट : कोरोना की दूसरी लहर के बाद नेत्र रोगियों की भीड़, ओपीडी में घंटों इंतजार

Thu, 30 Sep 2021 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली सरकार के गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय में एक मरीज को लग रहे हैं तीन से चार घंटे। किसी को चश्मा तो किसी को आंखों में जलन महसूस होने के भी आ रहे हैं मामले। 
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गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय मरीजों से भरा हुआ है... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुधवार सुबह 10 बजे लोकनायक अस्पताल के समीप दिल्ली सरकार का गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय मरीजों से भरा हुआ है। मरीजों की संख्या इस कदर है कि अस्पताल की ओपीडी में मौजूद छह कमरे में बैठे डॉक्टर भी कम पड़ने लगे हैं। स्थिति ऐसी है कि एक मरीज को तीन से चार घंटे तक इंतजार के बाद चिकित्सीय परामर्श मिल पा रही है।

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यहां मौजूद डॉक्टरों का कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन हटने के बाद इतनी परेशानी देखने को नहीं मिली थी लेकिन इस बार दूसरी लहर के बाद से हर दिन ओपीडी के हालात ऐसे ही हैं। बहरहाल कोरोना महामारी के बीच सुबह कार्ड बनवाने के लिए लंबी लाइन और उसके बाद डॉक्टर कक्ष के बाहर घंटों इंतजार मरीजों के लिए काफी भारी भी पड़ सकता है। अधिक मरीज होने के चलते यहां कोविड सतर्कता नियमों का भी अधिक पालन नहीं हो पा रहा है। 

पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर से उपचार कराने पहुंचे महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी आंखों में पिछले कुछ दिन से जलन हो रही है। अपने घर के नजदीक दो डॉक्टरों को दिखाया भी लेकिन फिर भी आराम नहीं मिला। इसके चलते उन्हें यहां आना पड़ा लेकिन उन्हें दोपहर 1 बजे कक्ष में प्रवेश मिला। जबकि वे सुबह 8.30 बजे अस्पताल पहुंच चुके थे।
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ठीक इसी तरह की परेशानी लक्ष्मी नगर के जे एक्सटेंशन निवासी आशा देवी ने बताई। उन्होंने कहा कि उनकी नजर कमजोर है इसलिए वे चश्मा पहनती हैं लेकिन पिछले कई महीनों से उन्हें चश्मा से भी आराम नहीं मिल रहा है। पहले वे जब अस्पताल आती थीं तो दोपहर से पहले फ्री होकर चली जाती थीं लेकिन अभी नजर जांच कराने के लिए ही उन्हें 40 नंबर की वेटिंग मिली है। 

अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर से जब मरीजों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यह सभी मरीज गंभीर रोगी नहीं है। यह सभी वह मरीज हैं जो पिछले एक-डेढ़ साल से सही उपचार नहीं ले पा रहे हैं। अब इन्हें तकलीफ बढ़ रही है। इसलिए यहां भीड़ भी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि ओपीडी का अगर अनुमान देखें तो करीब 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी रोजाना देखने को मिल रही है। 

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