आतंकी मोहमद अशरफ को उसके पाकिस्तान हैंडलर नासिर ने उसके मोबाइल पर उस जगह की लोकेशन भेजी थी जहां कालिंदी कुंज घाट में हथियार छिपाए थे। इस जगह पर एक छोटा सा पिलर भी है। उसे पिलर की भी फोटो भेजी थी। उसे व्हाटसएप पर कहा गया था कि भाईजान सामान की डिलीवर लेने जाना है। स्पेशल सेल ने मोहम्मद अशरफ की निशानदेही पर कालिंदी कुंज यमुना घाट से हथियार व विस्फोटक बरामद कर लिए। यहां पर हथियार पत्थरों के नीचे जमीन में दबाकर छिपाए गए थे।
हैंडलर नासिर जब भी मोहम्मद अशरफ से बात करता था तो वह उसका नाम नहीं लेता था, बल्कि उसे भाईजान बोलता था। हैंडलर ने जब हथियार लाने के लिए कहा तो उसे व्हाट्सएप पर लिखा था कि भाईजान सामान की डिलीवर लेने जाना है। मोहम्मद अशरफ दो मोबाइल फोन रखता था। पुलिस ने इसके कब्जे से दोनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। उसे हथियारों की डिलीवर लाने के लिए हैंडलर दो दिन से फोन कर रहा था।
मोहम्मद अशरफ को हैंडलर उसके काम के हिसाब से पैसा देता था। वह भारत से जब भी कोई सूचना भेजता था तभी इसे पैसे मिलते थे। जम्मू कश्मीर जाने के लिए उसे ज्यादा पैसे मिलते थे। वह हैंडलर के कहने पर ही जम्मू कश्मीर जाता था और वहां से सूचनाएं हैंडलर को भेजता था। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि ये 30 बार से ज्यादा जम्मू कश्मीर जा चुका है।
मोहम्मद अशरफ ने पूछताछ में खुलासा किया है कि आरोपी ई-मेल के जरिए हैंडलर से ज्यादा बात करता था। हालांकि कभी-कभार से व्हाट्सएप से भी बात करता था। ये व्हाट्सएप चैटिंग को डिलीट कर देता था। पुलिस व्हाट्सएप चैटिंग को खंगालने के लिए इसके दोनों मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।