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आतंकी अशरफ गिरफ्तार : पीर-मौलवी बनकर घर में घुसता और युवकों को बरगलाकर बनाता था जिहादी

Wed, 13 Oct 2021 01:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा  अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस्लाम धर्म की रक्षा के नाम पर लोगों से पैसे भी लेता था। धर्म के नाम पर दर्जनों युवकों को बना चुका है जिहादी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली समेत देश के कई शहरों में आतंकी हमले की साजिश रच रहा आतंकी मोहम्मद अशरफ न केवल देश में आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहा था बल्कि वह धर्म के नाम पर भारतीय युवाओं को जिहादी बना रहा था। वह पीर मौलवी बनकर घर में घुसता था। बताया जा रहा है कि वह भारत के दर्जनों युवकों को जिहादी बना चुका है। ये भी कहा जा रहा है कि आतंकी ट्रेनिंग के लिए काफी युवाओं को पाकिस्तान भेज चुका है।

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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसने पीर मौलवी का चौला ओढ़ा हुआ था। वह कुरान की आयतें पढ़ता था और लोगों को इलाज करने का दावा करता था। उसने युवकों को जिहादी बनाने के लिए जादू-टोना भी सीखा था। उसकी निशानदेही पर कालिंदी कुंज में यमुना घाट के किनारे से एके-47 और गोला-बारूद बरामद किया गया। 

मोहम्मद अशरफ पीर मौलवी बनकर इलाज करने के बहाने घर में घुसता था। ये अंधविश्वास का फायदा उठाकर इलाज करने का दावी भी करता था। घर में घुसने के बाद ये जान-पहचान बनाकर दोस्ती गांठता था। इसके बाद ये घर में मौजूद युवाओं को धर्म के नाम पर जिहादी बनाने के लिए उकसाता था। ये युवकों से कहता था कि सब को इस्लाम धर्म में शामिल करना है। 
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स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि ये अभी तक कितने युवकों को जिहादी बना चुका है और कितने युवकों को आतंकी ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेज चुका है। आरोपी ने पूछताछ में ये भी खुलासा किया है कि वह धर्म को आगे बढ़ाने के लिए पैसे वाले लोगों से चंदा भी लेता था। उस पैसे का ये स्लीपर सेल के आने वाले कामों में खर्च करता था। इसने काफी लोगों से चंदा लिया है। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जिहादी बनाने व अपनी पहचान छिपाने के लिए ये एक जगह पर ज्यादा दिन नहीं रहता था। ये जल्दी-जल्दी अपने ठिकाने बदल देता था। 

वर्ष 2013 में बनवाया था पासपोर्ट
मोहम्मद अशरफ ने वर्ष 2013 में अपना पासपोर्ट बनवाया था। पासपोर्ट में उसने शास्त्री नगर, दिल्ली का पता दे रखा है। आरोपी ने अपना राशनकार्ड बनाने से लेकर सभी जरूरी दस्तावेज बनवा रखे थे।

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आतंकी ने बिहार के पते पर बनवाए थे भारतीय कागजात

गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक आतंकी मोहम्मद अशरफ ने बिहार के एक पत्ते पर भारतीय कागजात बनवाए थे। उसने पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड व पासपोर्ट दिल्ली के पत्ते पर बनवा रखे है। ये कागजात बनवाने में उसकी सहायता बिहार के एक व्यक्ति ने की थी। आरोपी मोहम्मद अशरफ भारतीय पासपोर्ट पर विदेश यात्रा भी कर चुका है। वह वह साउदी अरब व थाईलैंड जा चुका है। भारतीय एजेंसियां इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने विदेश यात्रा क्यों की थीं। 

स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दसवीं पास करने के बाद इसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके माता-माता की मौत हो चुकी है। परिवार में दो भाई व तीन बहनें है। आईएसआई ने हैंडलर नासिर की देखरेख में इसे छह महीने की आतंकी ट्रेनिंग दी। पाकिस्तान से इसे बांग्लादेश भेजा गया। बाग्लादेश में इसे एक व्यक्ति मिला। ये उस व्यक्ति के पास बांग्लादेश में दो से तीन महीने रहा।

इसके बाद सिलीगुड्डी से भारत-बांग्लदेश सीमा पर लगे लोहे के कटिले तारों को कूदकर भारत में प्रवेश कर गया। यहां से कोलाकाता पहुंचा। यहां भी ये दो से तीन महीने रहा। यहां ये अजमेर गया। यहां एक महिला के ढ़ाबे पर काम किया। फिर मौलवी से जान-पहचान की। मौलवी के साथ ये दिल्ली पहुंचा। यहां इसने मौलवी के परिचितों को फायदा उठाया।

दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में इसने गाजियाबाद की तलाकशुदा महिला से शादी की। महिला के दो बच्चे थे। शादी के छह महीने बाद इसने महिला को छोड़ दिया। इसके बाद ये वैशाली, गाजियाबाद में रहा। यहां पर इसने कई निर्माण साइट पर काम किया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी दिल्ली में ट्रांस यमुना, पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और पुरानी दिल्ली में रहा है।

लक्ष्मी नगर में जादू-टोना करता था-
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी आतंकी लक्ष्मी नगर में पीर मौलवी के भेष में रह रहा था। ये यहां जादू-टोना कर रहा था। जादू-टोना के मामले में इसके बाद काफी लोग आते थे। बताया जा रहा है कि ये अपने पास आने वाले लोगों को जेहाद के लिए उकसाता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये लक्ष्मी नगर में काफी समय से रह रहा था। 

पाकिस्तान से मनी ट्रांसफर के जरिए आते थे पैसे-
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद अशरफ भारत में आईएसआई के इशाने पर आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहा था और त्योहारी सीजन में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आईएसआई पाकिस्तान में इसके परिजनों को पैसे देती है। मोहम्मद अशरफ को अजमेर मौलवी के रिश्तेदार की आईडी के माध्यम से वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर द्वारा पैसे भेजे जाते हैं। इसे सैंकड़ों बार पाकिस्तान से पैसे भेजे जा चुके हैं। भारत में अपने प्रवास के दौरान वह विभिन्न सुरक्षित संचार चैनलों के माध्यम से अपने पाकिस्तानी हैंडलर नासिर के साथ नियमित संपर्क में था। 
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