गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक आतंकी मोहम्मद अशरफ ने बिहार के एक पत्ते पर भारतीय कागजात बनवाए थे। उसने पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड व पासपोर्ट दिल्ली के पत्ते पर बनवा रखे है। ये कागजात बनवाने में उसकी सहायता बिहार के एक व्यक्ति ने की थी। आरोपी मोहम्मद अशरफ भारतीय पासपोर्ट पर विदेश यात्रा भी कर चुका है। वह वह साउदी अरब व थाईलैंड जा चुका है। भारतीय एजेंसियां इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने विदेश यात्रा क्यों की थीं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दसवीं पास करने के बाद इसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके माता-माता की मौत हो चुकी है। परिवार में दो भाई व तीन बहनें है। आईएसआई ने हैंडलर नासिर की देखरेख में इसे छह महीने की आतंकी ट्रेनिंग दी। पाकिस्तान से इसे बांग्लादेश भेजा गया। बाग्लादेश में इसे एक व्यक्ति मिला। ये उस व्यक्ति के पास बांग्लादेश में दो से तीन महीने रहा।
इसके बाद सिलीगुड्डी से भारत-बांग्लदेश सीमा पर लगे लोहे के कटिले तारों को कूदकर भारत में प्रवेश कर गया। यहां से कोलाकाता पहुंचा। यहां भी ये दो से तीन महीने रहा। यहां ये अजमेर गया। यहां एक महिला के ढ़ाबे पर काम किया। फिर मौलवी से जान-पहचान की। मौलवी के साथ ये दिल्ली पहुंचा। यहां इसने मौलवी के परिचितों को फायदा उठाया।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में इसने गाजियाबाद की तलाकशुदा महिला से शादी की। महिला के दो बच्चे थे। शादी के छह महीने बाद इसने महिला को छोड़ दिया। इसके बाद ये वैशाली, गाजियाबाद में रहा। यहां पर इसने कई निर्माण साइट पर काम किया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी दिल्ली में ट्रांस यमुना, पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी और पुरानी दिल्ली में रहा है।
लक्ष्मी नगर में जादू-टोना करता था-
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी आतंकी लक्ष्मी नगर में पीर मौलवी के भेष में रह रहा था। ये यहां जादू-टोना कर रहा था। जादू-टोना के मामले में इसके बाद काफी लोग आते थे। बताया जा रहा है कि ये अपने पास आने वाले लोगों को जेहाद के लिए उकसाता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये लक्ष्मी नगर में काफी समय से रह रहा था।
पाकिस्तान से मनी ट्रांसफर के जरिए आते थे पैसे-
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद अशरफ भारत में आईएसआई के इशाने पर आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहा था और त्योहारी सीजन में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आईएसआई पाकिस्तान में इसके परिजनों को पैसे देती है। मोहम्मद अशरफ को अजमेर मौलवी के रिश्तेदार की आईडी के माध्यम से वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर द्वारा पैसे भेजे जाते हैं। इसे सैंकड़ों बार पाकिस्तान से पैसे भेजे जा चुके हैं। भारत में अपने प्रवास के दौरान वह विभिन्न सुरक्षित संचार चैनलों के माध्यम से अपने पाकिस्तानी हैंडलर नासिर के साथ नियमित संपर्क में था।