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रैपिड रेल : कॉरिडोर में सबसे पहले दौड़ेगी छह बोगियों की रेलगाड़ी, आज दिखेगी कोच की पहली झलक

Wed, 16 Mar 2022 06:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा प्रद्युम्न उपाध्याय, गाजियाबा

सार

साहिबाबाद से दुहाई प्राथमिकता खंड के ट्रायल रन में होगा इस्तेमाल।
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रैपिड रेल ट्रैक निर्माण... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रैपिड के साहिबाबाद से दुहाई प्राथमिकता खंड के जुलाई से प्रस्तावित ट्रायल रन और फिर मार्च 2023 में शुरू होने वाले संचालन में सबसे पहले छह कोच की रेल दौड़ेगी।

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एनसीआरटीसी ने शुरुआत में छह कोच की रेल का पहले खंड में इस्तेमाल का निर्णय लिया है। रैपिड रेल का संचालन शुरू होने और यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखने के बाद नौ कोच की रेल के संचालन का निर्णय लिया जाएगा।

वहीं शहर के साथ देशवासियों को रैपिड के कोच की बुधवार को पहली झलक  देखने को मिलेगी। दुहाई डिपो में एनसीआरटीसी के मुख्य प्रशासनिक भवन के साथ रैपिड का मुख्य कंट्रोल और बैकअप ऑपरेशनल सेंटर होगा। मुख्य प्रशासनिक भवन की इमारत तैयार हो चुकी है। डिपो में रैपिड ट्रेन के रखरखाव को स्टैंडर्ड गेज की तीन निरीक्षण और दो वर्कशॉप लाइन होंगी। रैपिड ट्रेन के रखरखाव और तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए इंजीनियरिंग ट्रेन यूनिट स्थापित का काम जारी है।
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82 किमी लंबे कॉरिडोर पर दौड़ेंगे 40 ट्रेन सेट
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक 82 किमी लंबे रैपिड कॉरिडोर का 2025 में संचालन शुरू होने पर कुल 40 ट्रेन सेट दौड़ेंगे। रैपिड के ट्रेन कोच का निर्माण गुजरात के सावली स्थित बंबारडियर प्लांट में किया जा रहा है। ऐसे में 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड के लिए पहले छह कोच वाले ट्रेन सेट का निर्माण कार्य पहले किया जा रहा है। जुलाई के आखिर में प्रस्तावित ट्रायल की तिथि नजदीक आने के कारण पहली छह कोच की ट्रेन का निर्माण पूरा हो चुका है। रैपिड के कुल 40 ट्रेन सेट में  कुल 210 कोच होंगे।

रैपिड के कोच की आज दिखेगी पहली झलक
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त रैपिड रेल के कोच की बुधवार को पहली झलक देखने को मिलेगी। रैपिड के दुहाई डिपो में पहला कोच पहुंचेगा। रैपिड का कोच कई सुविधाओं से युक्त है। इसमें यात्रियों व सामान रखने पर्याप्त जगह और विशेष रैक बनाई गई है। कोच में मोबाइल, लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और वाईफाई की सुविधा दी गई है। एक कोच में प्रवेश-विकास के कुल छह स्वचालित दरवाजे और बाहर का नजारा देखने के लिए बड़ी शीशे की खिड़कियां होंगी। दिव्यांगों के लिए दरवाजों के पास व्हीलचेयर की जगह व स्ट्रेचर ले जाने की सुविधा प्रदान की गई है।

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