दिल्ली सचिवालय में एक जून से एकल प्रयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगेगा। इस संबंध में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने घोषणा की है। इसके तहत पहले चरण में दिल्ली सचिवालय के कार्यालय में एकल इस्तेमाल वाले पेन और पानी की बोतलों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही एकल इस्तेमाल प्लास्टिक से बने बैनर, पोस्टर और खाने के लिए प्रयोग होने वाली कटलरी पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण के खिलाफ ग्रीष्मकालीन कार्य योजना की शुरुआत की गई है। प्रदूषण को बढ़ावा देने में एकल प्रयोग प्लास्टिक भी अहम भूमिका निभाता है। इसमें री-कांटे, स्ट्रॉ, पॉलिथिन, प्लास्टिक गिलास होते हैं, जो फेंक दिये जाने पर पुन: उपयोग में नहीं लाए जा सकते हैं।
ऐसे में कई बार लोग इसे खत्म करने के लिए जमीन में दबा या जला कर नष्ट करने की कोशिश करते हैं, जोकि वायु, जल और भूमि प्रदूषण के लिए गंभीर खतरा भी है। वहीं, वजन में हलका होने के कारण कई बार यह देखा गया है कि यह इधर- उधर उड़कर आसपास की सीवेज या जल निकासी प्रणाली के चोकिंग का कारण बनता है, जो जल जमाव की समस्याओं को भी बढ़ावा देता है।
पिछले साल अगस्त में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक जुलाई 2022 से पॉलीस्टाइनिन और विस्तारित पॉलीस्टाइनिन सहित पहचान की गई वस्तुओं के निर्माण, आयात, स्टॉकिंग, वितरण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए एक अधिसूचना जारी की थी।
इसके तहत एकल प्रयोग प्लास्टिक में ईयरबड, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक की छड़ें, झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, रैपिंग या पैकेजिंग फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर जो 100 माइक्रोन से कम हैं व स्टिरर पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।
30 जून तक स्टॉक नहीं रखने का आदेश
दिल्ली में सभी निर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं, आम जनता और दुकानदारों को पहले ही 30 जून 2022 तक एकल प्रयोग वाले प्लास्टिक का कोई स्टॉक नहीं रखने के लिए कहा गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने कच्चे माल के सभी निर्माताओं को प्रतिबंधित उत्पादों के उपयोग में लगे लोगों को प्लास्टिक की वस्तुओं की आपूर्ति बंद करने के लिए भी कहा है।
बांस, पेपर, मिट्टी से बनी वस्तुओं के प्रयोग पर जोर
विकल्पों के बारे में जानकारी देते हुए गोपाल राय ने कहा कि एक बार प्रयोग में आने वाली पानी की बोतलों और खान की कटलरी की जगह अब से बांस, ग्लास, धातु या पेपर से बनी कटलरी को प्रयोग में लाया जाएगा। एक बार इस्तेमाल वाले पेन की जगह फिर से प्रयोग में आने वाले जेल/बॉल या इंक पेन का प्रयोग किया जाएगा। साथ ही प्लास्टिक के बैनर और पोस्टर की जगह अब कपड़े या पेपर के बैनर ही बनाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि एकल प्रयोग प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग को रोकने के लिए सरकार अन्य विकल्पों पर भी काम कर रही है।