दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से नजफगढ़ में बनने वाले कॉलेज का नाम वीर सावरकर के नाम पर रखे जाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। छात्र संगठन एनएसयूआई व एसएफआई ने नाम पर आपत्ति जताते हुए फैसले को वापस लेने की मांग की है। एसएफआई ने इस फैसले को इतिहास को खराब करने का प्रयास करने वाला कहा है। वहीं एनएसयूआई ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि फैसला वापस नहीं लिया गया तो विवि को ठप्प किया जाएगा।
एनएसयूआई का कहा है कि वीर सावरकर के नाम से कॉलेज खोलने का पुरजोर तरीके से विरोध करते हैं। यदि प्रशासन ने फैसले को वापस नहीं लिया तो हम विश्वविद्यालय को ठप कर देंगे। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि यदि दिल्ली विश्वविद्यालय को कॉलेज का नाम ही रखना है तो सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, इंदिरा गांधी, प्रणव मुखर्जी के नाम पर रखे जाएं। यदि किसी वीर के नाम पर रखना हैं तो वीर अब्दुल हमीद के नाम भी कॉलेज का नाम रखा जा सकता है।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कुनाल सहरावत ने कहा कि प्रशासन को खुली चेतावनी देते हैं कि सावरकर के नाम से कॉलेज खोलने का फैसला वापस नहीं लिया तो एनएसयूआई चुप नहीं बैठेगी।