संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि 22 मार्च को एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य युद्धवीर सिंह को कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने फोन किया और भारत सरकार की ओर से गठित कमेटी के लिए एसकेएम से दो से तीन नाम मांगे गए। किसान नेताओं ने कहा कि इस मौखिक संदेश से यह कुछ साफ नहीं हुआ कि इस समिति में और किन लोग शामिल होंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने केंद्र सरकार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कमेटी के सवालों को टालने का आरोप लगाया है। आरोप है कि सरकार ने दिसंबर से अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि 22 मार्च को एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य युद्धवीर सिंह को कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने फोन किया और भारत सरकार की ओर से गठित कमेटी के लिए एसकेएम से दो से तीन नाम मांगे गए। किसान नेताओं ने कहा कि इस मौखिक संदेश से यह कुछ साफ नहीं हुआ कि इस समिति में और किन लोग शामिल होंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि 24 मार्च को संजय अग्रवाल को अपने ईमेल में स्पष्टीकरण का अनुरोध किया था। एसकेएम ने 30 मार्च को फिर से यह ईमेल भेजा, लेकिन अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है।
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किसान मोर्चा ने अब कहा है कि एमएसपी पर कमेटी का गठन स्पष्ट और सहमत शर्तों पर होना चाहिए। मोर्चा ने एक बार फिर सरकार से कमेटी की विवरण की मांग की है। साथ ही समिति के लिए अपने नामितों का नाम लेने से इनकार कर दिया। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि