दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मिलीं नई कक्षाएं
- फोटो : केजरीवाल के ट्विटर अकाउंट से
दिल्ली सरकार अब सरकारी स्कूलों के बच्चों के नृत्य, थियेटर, म्यूजिक, कला व तकनीकी हुनर को तराशेगी। सरकार ने इसके लिए सरकारी स्कूलों को हॉबी हब के रुप में स्थापित करने की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत पांच अलग-अलग श्रेणियों में पचास फीसदी सरकारी स्कूल के बच्चों को मुफ्त ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। सरकार इसके लिए बाहरी एकेडमी व एनजीओ की मदद लेगी। इस सत्र में योजना को एकल-सामान्य पाली स्कूलों में चलाया जाएगा।
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने डांस, म्यूजिक, थियेटर, फाइन आर्ट व क्राफ्ट की हॉबी को विकसित करने के लिए इनवॉलविंग प्राइवेट एकेडमी, एनजीओ, स्कीम के तहत स्कूलों को हॉबी हब के रुप में स्थापित करने का फैसला किया है। निदेशालय की ओर से सिखाने वालों से जल्द ही ऑनलाइन आवेदन भी मांगे जाएंगे। स्कूल उपलब्ध स्थान, संसाधनों और बच्चों की रुचि के अनुसार गतिविधियों का चयन करेंगे।
दरअसल, शिक्षा निदेशालय छात्रों के बीच नृत्य संगीत, रंगमंच, कला और शिल्प, साहित्यिक और तकनीकी कौशल आदि को विकसित और बढ़ावा देना चाहता है। शुरुआत में यह योजना एकल पाली के सरकारी स्कूलों में शुरू की जाएगी। इसकी समीक्षा के बाद इसे सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
पांच श्रेणियों में बच्चों को यह सिखाया जाएगा
- पहली श्रेणी - आर्ट (फाइन आर्ट्स, क्राफ्ट, मिट्टी के बर्तन बनाना, पेपर मेशी),
- दूसरी श्रेणी -डांस-संगीत (शास्त्रीय, लोक, इंडियन कंटेंपरेरी, वेस्टर्न), संगीत (शास्त्रीय, पश्चिमी, इंस्ट्रूमेंटल)
- तीसरी श्रेणी-तकनीकी (कोडिंग, कंप्यूटर-वर्ड, एक्सेल, पॉवर प्वाइंट, सोशल मीडिया मार्केटिंग, फोटोशॉप)
- चौथी श्रेणी-लिटरेरी (बुक क्लब, कैलिग्राफी, पब्लिक स्पीकिंग, भारतीय व विदेशी भाषाएं)
- पांचवीं श्रेणी-योग व ध्यान, कढ़ाई-सिलाई, रेडियो जॉकी, फोटोग्राफी।