समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद शफीकुर रहमान बर्क के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता सज्जाद नोमानी भी तालिबान के समर्थन में उतर आए हैं। बुधवार को उन्होंने बयान जारी कर अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को जायज बताया। उन्होंने कहा कि तालिबान ने पूरी दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं को धूल चटाई है। इन नौजवानों ने काबुल की जमीन को चूमा है।
उन्होंने तालिबान की जीत के लिए अल्लाह को शुक्रिया कहा। हिंदुस्तान का मुसलमान, तालिबान को सलाम करता है। नोमानी ने आगे कहा कि पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे एक निहत्थी कौम ने दुनिया की सबसे मजबूत फौजों का मुकाबला किया और काबुल के महल में वे दाखिल हो गए। उनमें किसी भी तरह का घमंड नहीं था, बड़े बोल नहीं थे। एक बार फिर यह तारीख रकम हुई है।
बर्क ने की थी स्वतंत्रता सेनानियों से तालिबान की तुलना
सज्जाद नोमानी से पहले शफीकुर रहमान बर्क ने भी तालिबान के समर्थन में विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि तालिबानी अपने देश की आजादी के लिए लड़ रहे हैं। अफगान के लोग उनके नेतृत्व में आजादी चाहते हैं। जब भारत पर ब्रिटिश शासन था तब हमारे देश ने भी आजादी के लिए जंग लड़ी थी। अब तालिबान अपने देश को आजाद कराना चाह रहे हैं और उसके लिए लड़ रहे हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद बदल गए थे सुर
संभल से सांसद बर्क के विवादित बयान के बाद उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद उनके सुर बदल गए थे। शफीकुर रहमान ने ट्विटर पर इसकी सफाई देते हुए कहा था कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। मेरा तालिबान से क्या मतलब।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्लनल लॉ बोर्ड ने नहीं दी प्रतिक्रिया
वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तालिबान और अफगानिस्तान में राजनीतिक हालात को लेकर न तो कोई बयान दिया है और न ही अपना पक्ष रखा है। यह बात बोर्ड ने सिलसिलेवार ट्वीट में कही। इसने कहा कि कुछ मीडिया संस्थान बोर्ड के कुछ सदस्यों के विचार को बोर्ड का विचार बता रहे हैं। यह गलत है।