1.35 करोड़ लोगों को मिलेगा घर के स्वामित्व का अधिकार
पुरी ने कहा, इस विधेयक के साथ ही 2023 तक दिल्ली की अवैध कालोनियों में बसे 1.35 करोड़ लोगों को घर के स्वामित्व का अधिकार मिलेगा। पुरी ने बताया कि जहां झुग्गी वहीं मकान योजना के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि न सिर्फ दिल्ली के 1.35 करोड़ लोगों की जीवन शैली सुधरेगी, बल्कि सेंट्रल विस्टा के निर्माण से दिल्ली दुनिया के शानदार शहरों में से एक बनेगा।
2023 तक अवैध कालोनियों पर कोई कार्रवाई भी नहीं हो सकेगी
यह विधेयक दिल्ली की अनधिकृत कालोनियां बनाने वाले लोगों को किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से भी सुरक्षा प्रदान करेगा। इसके तहत 2023 तक उन कालोनियाें पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो सकेगी जिन्हें नियमित करने के लिए अभी कदम उठाए जाने बाकी हैं।
भाकपा ने अध्यादेश का रास्ता अपनाने पर उठाया सवाल
बिल पर चर्चा के दौरान माकपा सांसद बिकाश रंजन ने सरकार द्वारा एक बार फिर अध्यादेश का रास्ता अपनाने पर सवाल उठाया। रंजन ने कहा, केंद्र सरकार अध्यादेश राज चला रही है।
दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों का मुद्दा बेहद गंभीर है और इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए लेकिन सरकार ने इसे जरूरी नहीं समझा। पिछले बिल की अवधि समाप्त होने से एक दिन पहले ही सरकार अध्यादेश लेकर आई है। उन्होंने कहा, इस तरह अध्यादेश के जरिये बार बार अवधि में विस्तार करना निंदनीय है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां झुग्गी वहीं मकान योजना से लाभ होगा और करीब 75 लाख लोगों को लैंड पूलिंग से लाभ मिलेगा।
अवधि न बढ़ाते तो सीलिंग जैसी समस्याएं फिर होती
पुरी ने कहा, अध्यादेश के जरिये अवधि बढ़ाना जरूरी था। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो दिल्ली में दोबारा सीलिंग की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि जहां तक मैं समझता हूं सदन नहीं चाहेगा कि दिल्ली को एक बार फिर ऐसी अनिश्चितता के दौर में डाला जाए।
40 लाख लोग झुग्गियों में रह रहे
आप सांसद संजय सिंह ने सदन में कहा कि अकेले दिल्ली की झुग्गियों में 40 लाख लोग रहते है। सरकार ने पिछले साल वादा किया था कि इन लोगों को घर का स्वामित्व दिया जाएगा। हम सरकार से मांग करते हैं कि अपना वादा पूरा करे।
2006 में बना था कानून
पुरी ने सदन में बताया कि 2006 में संसद ने दिल्ली कानून विशेष प्रावधान अधिनियम बनाया था, ताकि इसके जरिये अतिक्रमण को सीलिंग या ढहाने जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों से बचाया जा सके। बाद में 2007, 2009, 2014 और 2017 में कई अध्यादेशों के जरिये इस अधिनियम की अवधि को बढ़ाया गया।
पुरी ने कहा कि 1947 में आठ लाख से दिल्ली की आबादी 2011 तक 1.6 करोड़ हो गई। इस तरह दिल्ली में बढ़ती जनसंख्या के लिहाज से संसाधनों में इजाफा नहीं हुआ और मांग व आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ता गया।
50 लाख लोगों को मिलेगा पीएम-उदय का लाभ
पुरी ने बताया कि प्रधानमंत्री अवैध कालोनी दिल्ली अवास अधिकार योजना से 50 लाख लोग लाभांवित होंगे। इसके अलावा 10 लाख लोगों को