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लता-सचिन और अक्षय के ट्वीट कैसे जांचेगी महाराष्ट्र सरकार, कैसे तय किया जाएगा उनका जुर्म?

Tue, 09 Feb 2021 08:21 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लता मंगेशकर-सचिन तेंदुलकर-अक्षय कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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किसान आंदोलन में विदेशी हस्तियों के दखल के बाद शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। दरअसल, देसी सितारों यानी लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार और अजय देवगन आदि ने ट्वीट किए। उन्होंने देश की संप्रभुता की बात कही और विदेशी हस्तियों को भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप न करने की नसीहत दी। इस मामले में अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लता, सचिन, अक्षय समेत अन्य सेलिब्रिटीज के ट्वीट की जांच कराने की बात कही है। ऐसे में सवाल उठता है कि महाराष्ट्र सरकार इन ट्वीट्स की जांच कैसे करेगी? अगर ट्वीट्स में वाकई कुछ गड़बड़ी मिलती है तो उनका जुर्म कैसे तय किया जाएगा? 

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किस वजह से जांच करा रही महाराष्ट्र सरकार?

अब सवाल उठता है कि महाराष्ट्र सरकार आखिरकार इन हस्तियों के ट्वीट्स की जांच कराने के लिए राजी कैसे हो गई? दरअसल, कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने इस मसले पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ हस्तियों के ट्वीट एक जैसे थे, जबकि अधिकतर ट्वीट्स में एक-जैसे शब्द लिखे गए थे। सचिन सावंत ने आशंका जताई कि इन हस्तियों से दबाव में ट्वीट कराए गए। महाराष्ट्र सरकार यही पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इन हस्तियों पर कोई दबाव बनाया गया था।
 

क्या समानताएं हैं देसी हस्तियों के ट्वीट्स में?

कांग्रेस नेता सचिन सावंत के मुताबिक, कई हस्तियों के ट्वीट्स एक जैसे हैं। जैसे अक्षय कुमार और साइना नेहवाल के ट्वीट शब्दश: एक-जैसे पोस्ट किए गए। वहीं, विराट कोहली, सुरेश रैना, साइना नेहवाल, अक्षय कुमार, अनिल कुंबले और लता मंगेशकर के ट्वीट् में 'एमिकेबल' शब्द कॉमन था। साथ ही, सुनील शेट्टी ने अपने ट्वीट में भाजपा के मुंबई प्रदेश उपाध्यक्ष हितेश जैन को टैग किया था। 
 

कैसे तय किया जाएगा जुर्म?

सवाल यह भी है कि अगर इन हस्तियों ने वाकई किसी दबाव में आकर ट्वीट किए तो उन पर जुर्म कैसे तय होगा? इस मामले में जानकार बताते हैं कि इन हस्तियों पर जुर्म तय करना बेहद मुश्किल है। दरअसल, एक जैसे ट्वीट करना कोई जुर्म नहीं है। जुर्म तो तब माना जाएगा, जब ट्वीट में आपत्तिजनक कंटेंट हो या उससे किसी की मानहानि हो रही हो। अगर ट्वीट से कानून व्यवस्था को दिक्कत पहुंचती या उससे देश का अपमान होता तो ये हस्तियां कानून के दायरे में आ सकती थीं, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है।
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क्या हस्तियों पर दबाव साबित किया जा सकता है?

एक और सवाल है कि क्या महाराष्ट्र सरकार जांच करके साबित कर सकती है कि इन हस्तियों पर दबाव बनाया गया था? जानकार कहते हैं कि इस बात को साबित करना बेहद मुश्किल होगा। अगर हस्तियां खुद ही इस बात को स्वीकार नहीं करेंगी तो कोई कुछ भी साबित नहीं कर पाएगा। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है, इसका पता भविष्य में ही चलेगा।
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