गूगल के जरिए आप किसी भी कस्टमर केयर का नंबर लेते हैं तो सावधान हो जाएं। गूगल से आपको नंबर तो मिल जाएगा लेकिन जब तक आपको नंबर के सही या गलत होने का पता चलेगा, ठग आपके बैंक खाते में सेंध लगा चुके होंगे। ऑनलाइन ठगी करने वाले ठग अधिकतर कस्टमर केयर के नंबरों को अपने हिसाब से अपडेट कर लेते हैं और अपना मोबाइल नंबर उसमें डाल देते हैं। अकसर लोगों को आगाह किया जाता है कि कस्टमर केयर में मोबाइल नंबर नहीं होता है। इसके बावजूद लोग जल्दबाजी में इस बात पर गौर नहीं करते हैं और ठगी के शिकार हो जाते हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की
ऐसा ही एक मामला रानीबाग इलाके में आया है। यहां के रहने वाले एक रेलवे कर्मचारी अनूप कुमार भारतीय रेलवे में सहायक लोको पायलट हैं। उन्होंने यात्रा के लिए टिकट की थी। टिकट बुक नहीं होने के बावजूद उनके खाते से पैसे कट गए थे। पैसे वापस नहीं आने पर रेलवे कर्मी ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के कस्टमर केयर पर शिकायत करने के लिए गूगल पर सर्च करके नंबर लिया। वह नंबर ठग का था और आरोपी ने रेलवे कर्मचारी से उसकी सारी जानकारी लेकर एक एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद उसने रेलवे कर्मी के बैंक खाते से 1.58 लाख रुपये की निकासी कर ली। अब रेलवे कर्मी को ठगे जाने का एहसास हुआ। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस थाने में दी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की पहचान करने में जुट गई है।