राजधानी में यमुना नदी को बचाने के लिए रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने यमुना संसद में शिरकत की। इस दौरान लोगों ने यमुना की अविरलता और निर्मलता के लिए 22 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनाई। हल्की बारिश के बीच यमुना प्रेमी वजीराबाद से कालिंदीकुंज के बीच आईटीओ, गीता कॉलोनी, पुराना उस्मानपुर गांव, निजामुद्दीन ब्रिज और डीएनडी स्थित घाटों पर पहुंचे।
मानव शृंखला में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, युवा संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस मौके पर सभी ने मिलकर यमुना के साफ हो जाने तक यमुना संसद जारी रखने की हुंकार भरी और सरकार पर नदी की अविरलता सुनिश्चित करने का जन-दबाव बनाने व यमुना की सेहत की बेहतरीन के लिए पांच कदम उठाने का संकल्प लिया।
माता ललिता देवी सेवाश्रम की जनसंवाद कायम करने की अनूठी पहल लोक संसद के तीसरे अध्याय के तौर पर यमुना संसद का रविवार सुबह आयोजन हुआ। मानव शृंखला में दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय व सौरभ भारद्वाज, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामबीर सिंह बिधूड़ी, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सोमनाथ भारती, रोटरी बैंक के संस्थापक राजकुमार भाटिया, आईआईटी छात्र परिषद के पूर्व अध्यक्ष रवि शर्मा, जल जन जोड़ो अभियान के संयोजक संजय सिंह, संतूर वादक अभय रुस्तम सोपोरी, युवा हल्ला बोल के अनुपम, समाज सेवी अजीत सिंह, अरुण सिंह, सचिन गुप्ता, थानसिंह यादव आदि भी शामिल हुए।
नदियों किनारे कई सभ्यताओं का हुआ विकास : गोविंदाचार्य
यमुना संसद के संरक्षक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि दुनियाभर में नदियों के किनारे ही बड़ी-बड़ी सभ्यताओं का विकास हुआ, मगर सभी शहरों ने अपनी दहलीज पर बहती नदियों की कद्र नहीं की। दिल्ली की हालत तो और भी बदतर है। वहीं यमुना संसद के संयोजक रविशंकर तिवारी ने कहा कि उनके कार्यक्रम के कारण सरकार ने शनिवार को अतिरिक्त पानी छोड़ दिया। इस कारण उनके आयोजन के दौरान यमुना प्रदूषण मुक्त दिखाई दी। यमुना की इस तस्वीर को स्थायी तौर पर बनाए रखने के लिए यमुना संसद सरकार से संवाद कायम करने को तैयार है।
लोगों में दिखा जबरदस्त उत्साह
राजधानी निवासियों में यमुना किनारे मानव शृंखला बनाने के लिए जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम सुबह साढ़े छह बजेे शुरू होना था, लेकिन यमुना के तटों पर लोग काफी पहले से आने शुरू हो गए थे। इस दौरान हर यमुना प्रेमी के चेहरे पर उत्साह दिखा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार, निरंकारी समाज, नामधारी समाज, ईश्वरीय ब्रह्मकुमारी प्रजापति, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी, इस्कॉन, फतेहपुरी मस्जिद के इमाम, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, दिल्ली विश्वविद्यालय के तमाम कालेज, एक्शन कमेटी ऑफ रिकॉग्नाइज प्राइवेट स्कूल दिल्ली, स्वाभिमान देश का, दिल्ली पंचायत संघ, सदर बाजार व चांदनी चौक के व्यापारिक संगठनों समेत 1,800 से ज्यादा धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक, स्वयंसेवी, व्यापारिक संस्थाओं के बैनर तले बच्चे, युवा, महिलाएं व पुरुष पहुंचे।