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योजना: एनसीआरटीसी ने बताया- दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए आनंद विहार में टनल का काम शुरू

Fri, 04 Mar 2022 04:25 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली

सार

एनसीआरटीसी ने एक बयान में कहा कि इस प्रक्रिया में करीब 90 मीटर लंबी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने दिल्ली में आनंद विहार से न्यू अशोक नगर तक एक टनल खोदने का काम शुरू कर दिया है। 6.6 मीटर व्यास के साथ आरआरटीएस टनल देश में अन्य मेट्रो सिस्टम की तुलना में बड़ी है
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एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल कॉरिडोर के सबसे ऊंचे मेरठ चौराहा स्टेशन का वास्तविक डिजाइन किया जारी - फोटो : अमर उजाला- फाइल फोटो
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विस्तार
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दिल्ली और मेरठ के बीच देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर के निर्माण के लिए आनंद विहार में टनल बनाने का काम शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

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एनसीआरटीसी ने एक बयान में कहा कि इस प्रक्रिया में करीब 90 मीटर लंबी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने दिल्ली में आनंद विहार से न्यू अशोक नगर तक एक टनल खोदने का काम शुरू कर दिया है। 6.6 मीटर व्यास के साथ आरआरटीएस टनल देश में अन्य मेट्रो सिस्टम की तुलना में बड़ी है क्योंकि आरआरटीएस ट्रेनों की रफ्तार 180 किमी प्रति घंटे होगी। इसी वजह से इसका व्यास ज्यादा रखा गया है। साथ ही यह वायु दबाव को भी कम करने में मदद करेगी और ट्रेनों की हाई स्पीड के चलते यात्रियों को असुविधा होने से भी बचाएगी।

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इसमें कहा गया है कि आनंद विहार से न्यू अशोक नगर के बीच टनल की लंबाई करीब तीन किलोमीटर होगी। आनंद विहार स्टेशन पर चार टीबीएम लगाई गई हैं। इसमें दो मशीनें आनंद विहार से न्यू अशोक नगर की ओर खोदाई करेंगी जबकि दो अन्य आनंद विहार से साहिबाबाद की ओर खोदाई करेंगी। टीबीएम आनंद विहार से साहिबाबाद की ओर दो किमी लंबी टनल खोदेगी। आरआरटीएस के अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए दो अलग-अलग टनल होंगी, एक ट्रेनों के जाने और एक आने के लिए। यह व्यवस्था आपातकाल में यात्रियों के निकासी के मद्देनजर की गई है। इतना ही नहीं, हर 250 मीटर पर निकासी की व्यवस्था होगी। टनल को इस तैयार से तैयार किया जा रहा है कि ये 100 साल तक सुरक्षित रहें।

साहिबाबाद-दुहाई सेक्शन के मार्च 2023 तक चालू होने की उम्मीद

आरआरटीएस कॉरिडोर वायु प्रदूषण और वाहन ट्रैफिक को कम करने के मकसद से तैयार किए जा रहे हैं। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण का काम पूरी तेजी से चल रहा है। इस कॉरिडोर पर 25 स्टेशन होंगे। इसमें दो डिपो और एक स्टेब्लिंग यार्ड होगा। साहिबाबाद से दुहाई के बीच के सेक्शन के मार्च 2023 तक चालू होने की उम्मीद है और इस पर ट्रायल इसी साल शुरू होने की संभावना है। संपूर्ण कॉरिडोर के 2025 तक खोले जाने की उम्मीद है।

14,000 कामगार व 1,100 इंजीनियर कर रहे काम

एनसीआरटीसी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर 14,000 से अधिक कामगार और 1100 इंजीनियर काम कर रहे हैं। अब तक 18 किमी प्राथमिकता वाले सेक्शन में 1400 खंभों का निर्माण हो चुका है। साथ ही कॉरिडोर में फाउंडेशन का काम भी 80 फीसदी पूरा हो चुका है।
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