भाजपा नेता व अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यह नीतिगत मामला है, केंद्र सरकार इस पर निर्णय ले सकती है।
भारतीय विमानों का कॉल साइन ‘वीटी’ से बदलने की मांग करती एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को विचार करने के लिए कहा है। कॉल साइन आमतौर पर वे रजिस्ट्रेशन कोड हैं, जिनसे विमानों के देश की पहचान होती है।
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याचिका के अनुसार वीटी के मायने ‘व्हिक्टोरिया टेरिटरी या वायसराय टेरिटरी’ हैं, जबकि भारत एक संप्रभु देश है। यह गुलामी का प्रतीक कॉल साइन बदल कर अपना साइन बनाना चाहिए। भाजपा नेता व अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यह नीतिगत मामला है, केंद्र सरकार इस पर निर्णय ले सकती है।
सरकार की स्थायी अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा ने कहा कि याची कभी भी सरकार के समक्ष अपना प्रतिवेदन रख सकता है। इस पर कुछ बहस हुई, और याची ने सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति मांगी। हाईकोर्ट ने रजामंदी दे दी। याचिका के अनुसार सभी भारतीय विमानों को वीटी कॉल साइन उपयोग करना होता है। घरेलू विमान कंपनियां अपने नाम का कोड इसके बाद लिखती हैं, जैसे इंडिगो ने वीटी-आईडीवी व जेट विमान के लिए वीटी-जेएमवी कोड बनाया है। यह आमतौर पर विमान के पिछले दरवाजे के पहले और खिड़की के ऊपर लिखा मिलता है।