धन्वंतरी की आहट पड़ते ही दिल्ली के बर्तन बाजार में रौनक बढ़ गई है। नये बर्तन घर में लाने की होड़ सदर बाजार के डिप्टी गंज में दिख रही है। धनतेरस को लेकर स्टेनलेस स्टील से भी ज्यादा चमक इस स्टील मार्केट में है। साथ ही क्रॉकरी, पीतल, लेजर कटिंग स्टील के बर्तन की खरीदारी भी जोरों पर है। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक छोटे-मोटे सामान ले रहे है, क्योंकि 40 प्रतिशत स्टील महंगा हो गया है। लिहाजा बर्तन के सभी आइटम महंगे हो गए हैं।
इन दिनों दिल्ली के डिप्टी गंज, करोल बाग, लाजपतनगर, शहादरा, वजीरपुर समेत सभी इलाकों के बर्तन की दुकानों में स्टील, पीतल, एल्युमिनियम के बर्तनों की वैरायटी से भरा हुआ है। महंगाई के बावजूद लोगों की भीड़ जमी हुई है। कोई बर्तन सेट खरीद रहा है तो कोई कसीदे वाला शरबत सेट खरीदने में जुटा है। वहीं पीतल, कांसे के बर्तन भी खरीदे जा रहे हैं। उधर, दुकानदारों ने भी धनतेरस को लेकर जमकर तैयारी की है।
डिप्टी गंज स्टैनलेस स्टील ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर कुमार जैन का कहना है कि बर्तन की खरीदारी जोरों पर है। लेकिन ज्यादातर लोगों को हल्के सामान को खरीदने में ही दिलचस्पी है। चीन निर्मित स्टील के सामान इस बार ज्यादा नहीं है। वह देखने में तो आकर्षक होते है, लेकिन टिकाऊ नहीं। लिहाजा भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित स्टील पर ज्यादा जोर है।
कलरफुल स्टेनलेस स्टील ज्यादा लुभा रहे हैं
इन दिनों कलरफुल स्टेनलेस स्टील के बर्तन बाजार में खासे लुभा रहे हैं। ग्राहक नक्काशी वाले बर्तन को बतौर गिफ्ट आइटम के रूप में खरीद रहे हैं। लेजर कटिंग वाले स्टील के बर्तन देखने में चमकदार और सुंदर भी होते हैं। गिफ्ट आइटम के लिए लेजर कटिंग बर्तन की खरीदारी ज्यादा हो रही है।
बर्तन बाजार में इनदिनों लंच सेट 200-500 रुपये, 31 बर्तन का सेट 1000 रुपया से लेकर 5000 रुपये तक बिक रहा है। डिप्टी गंज मार्केट में बर्तन सेट 2 हजार से 10 हजार रुपये तक के हैं। नक्काशी वाले और कलरफुल स्टेनलेस वाले बर्तन सेट 4000 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक मौजूद हैं।
महंगाई 40 प्रतिशत तक बढ़ी
महंगाई की मार इस बार धनतेरस पर साफ झलक रही है। देश में निर्मित स्टील के सामान में 40 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ गई है। सुधीर कुमार जैन का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार बाजार तो बेहतर है, लेकिन कम मात्रा में खरीदारी हो रही है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद स्टील के साथ ही कॉपर 50 प्रतिशत महंगा हुआ है तो एल्युमिनियम 40 प्रतिशत। ऐसे में बर्तन पहले के मुताबिक काफी महंगा हो गया है।