दिल्ली के भाटी माइंस में पादरी के साथ मारपीट करने व जय श्रीराम के नारे लगवाने के लिए मजबूर करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मेडिकल जांच रिपोर्ट (एमएलसी) में पादरी केलेम कल्याण टेट (35) के शरीर पर कही पर भी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।
पुलिस का मानना है कि अगर भीड़ ने मारपीट की थी तो चोट के काफी निशान होते। मामले में पांच दिन बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 28 फरवरी को सफदरजंग अस्पताल में पादरी का मेडिकल हुआ था। अब आई रिपोर्ट में उनके शरीर पर किसी तरह के बाहरी व अंदरूनी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पादरी ने अपने साथ 25 फरवरी को हुई मारपीट की 28 फरवरी को पुलिस से शिकायत की थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अभी तक 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने भीड़ से पादरी को बचाया था। भीड़ ने पादरी को घेर रखा था, मगर उन्होंने मारपीट करते हुए नहीं देखा। लोग पादरी पर आरोप लगा रहे थे कि वह पैसे देकर धर्म परिवर्तन करवाता है। सोशल मीडिया पर पादरी को पीटने का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसे जब्त कर लिया है।