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निगम चुनाव : अब बढ़ने वाला है दिल्ली का सियासी तापमान, लोकल पिच पर उतरेंगे सेमी फाइनल के सितारे

Mon, 21 Feb 2022 05:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली

सार

चुनाव आयोग तैयार, राजनीतिक पार्टियों का जोर दूसरे राज्यों में बरकरार। सात मार्च तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बंटा रहेगा भाजपा का जोर।
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demo pic... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजधानी में निगम चुनाव का शंखनाद हो गया है। निगम की चुनावी हांडी में राजनीतिक खिचड़ी पकाने की कवायद वोटिंग के एलान के साथ शुरू हो गई है। राज्य चुनाव आयोग ने अप्रैल में वोटिंग कराने की घोषणा की है। साथ ही, चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन तीनों प्रबल दावेदार पार्टियां यानी आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा और कांग्रेस दूसरे राज्यों में व्यस्त हैं।

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हालांकि, घोषणा होने से सियासी हलचल तेज हो गई है। अब तीनों प्रमुख पार्टियों का ध्यान दिल्ली की राजनीति पर होगा। उनके सामने करीब दो माह में दिल्लीवालों के दिल में सियासी पकड़ को मजबूत करने की चुनौती होगी।

पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही राजनीतिक पार्टियों ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी थी। इसके तहत आप ने पंजाब में झाड़ू से सियासी जमीन की सफाई कर अपना नया वजूद बनाने के लिए कवायद शुरू कर दी थी। वहीं, कांग्रेस ने अपने हाथों से सियासी सीट को मजबूती से पकड़ने के लिए पूरा जोर लगाया है। उधर, उत्तर प्रदेश में भाजपा एक बार फिर कमल खिलाने के लिए जुटी हुई है। 
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इसके लिए तीनों पार्टियों की ओर से अपने सिपहसालारों से लेकर दिग्गज चेहरों को राज्यों में उतार दिया गया था। रविवार को पंजाब में विधानसभा चुनाव का पहिया 117 सीटों पर वोट होने के साथ थम गया  है। अब सभी पार्टी दिल्ली की जमीन पर सियासी पारी खेलने के लिए तैयार होंगी। आप पार्टी विधानसभा चुनाव की तर्ज पर निगम चुनाव में भी झाड़ू से विपक्षी पार्टियों का सफाया करने की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस अपना खोया जनाधार वापस लेना चाहती है। भाजपा चौथी बार निगम में काबिज होकर फिर से कमल खिलाने की कोशिश करेगी।

 दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में तय सात चरणों में से तीन का मतदान रविवार को पूरा हो गया है। अब 23 और 27 फरवरी, तीन और सात मार्च को आखिरी चरण का मतदान होगा। इस बीच तीनों पार्टियों को दिल्ली में अपने तैयारी करनी होगी।

50 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
तीनों नगर निगम में 272 वार्ड है और 50 प्रतिशत वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। उत्तरी दिल्ली और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में 104-104 वार्ड है, जबकि पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 64 वार्ड है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के 104 वार्डों में 20 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए गए है। दक्षिण दिल्ली नगर निगम में 15 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 11 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए है।

15 साल से नगर निगम में भाजपा का है शासन
नगर निगम में पिछले 15 साल से भाजपा का शासन है। उसने वर्ष 2007 में एकीकृत नगर निगम के समय सत्ता हासिल की थी। वर्ष 2012 में नगर निगम का तीन हिस्सों में विभाजन होने के बाद इस साल हुए चुनाव में भी भाजपा ने जीत हासिल की। इन दोनों चुनाव में भाजपा एवं कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर हुई थी, जबकि वर्ष 2017 में भाजपा ने तीकाने मुकाबले में बाजी मारी थी। इस बार कांग्रेस के अलावा दिल्ली सरकार में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव लड़ा था। तीनों नगर निगम में आम आदमी पार्टी दूसरे स्थान पर रही थी। तीसरे स्थान पर रही कांग्रेस एवं उसके बीच सीटों का अंतर बहुत ही कम रहा था।

आप पार्टी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमलावर
आदमी पार्टी की तरफ से आतिशी, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक जैसे नेताओं पर भाजपा को घेरने की जिम्मेदारी है। समय-समय पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी दिल्ली सरकार के स्कूलों, चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बताने के साथ-साथ तीनों नगर निगमों पर निशाना साधते हैं। आम आदमी पार्टी के नेता भाजपा के पार्षदों पर जनता का काम कराने के बदले पैसे लेने का आरोप लगा रहे हैं और कहते हैं कि लोग इस भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं। 

पार्षद की गिरफ्तारी से भाजपा फ्रंट फुट पर
पूर्वी दिल्ली में वेस्ट विनोद नगर वार्ड से आम आदमी पार्टी की पार्षद गीता रावत को सीबीआई ने दो दिन पहले घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से भाजपा के नेता भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फ्रंटफुट पर खेल रहे हैं, भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने राज्य के बड़े नेताओं के साथ इस मुद्दे पर प्रदेश कार्यालय में गंभीर बैठक की है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा की स्ट्रैटजी साफ दिखने की उम्मीद है, क्योंकि आप पार्टी ने निगम से भ्रष्टाचार को समाप्त करने को इस चुनाव का अपना प्रमुख मुद्दा बनाया था। लेकिन पार्टी की पार्षद के भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने से पार्टी के मनोबल पर प्रभाव जरूर पड़ेगा।

स्कूलों की गुणवत्ता और मुफ्त बिजली पानी मुद्दा
आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले स्कूलों में सबसे अच्छे स्तर की शिक्षा होने का लगातार दावा कर रहे हैं। वह दावा कर रहे हैं कि निगम के स्कूलों में बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। लेकिन भाजपा का दावा है कि निगम स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है, कोरोना महामारी काल में ऑनलाइन कक्षाएं सबसे पहले निगम ने अपने स्कूलों में शुरू की। शिक्षकों को टैबलेट दिए, बच्चों को मोबाइल फोन बांटे गए। उनके स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए कमरे, डेस्क-बेंच बढ़ाए गए। स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और इन्हें अब सोलर पैनल से रोशन किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी का दावा है कि दिल्ली की जनता को मुफ्त में बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं दिल्ली सरकार से मिल रही हैं। जनता इसे देख रही है कि कौन पार्टी ईमानदारी से काम कर रही है और कौन केवल भ्रष्टाचार करने में लिप्त है। 

भजपा उजागर करेगी केजरीवाल का झूठ
दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सूर्यान ने कहा है कि जनता को पता है कि आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और उनकी पूरी पार्टी कितना झूठ बोलती है। उत्तरी निगम में नेता सदन की जिम्मेदारी संभाल रहे दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेजा जोगी राम जैन ने कहा कि आम आदमी का यही चरित्र है कि पहले उनके नेता झूठ बलोते हैं, चुनाव के बाद वह माफी मांगने में जुट जाते हैं। उनकी ये फितरत जनता की समझ में आ चुकी है। भाजपा इस चुनाव में अपना बेहतरीन प्रदर्शन बरकरार रखेगी और जीत का चौका लगाएगी। अरविंद केजरीवाल सरकार अपने स्कूलों को सबसे बेहतर बताने का काम करती है, लेकिन निगम के शिक्षकों का वेतन देने के लिए निगमों का बकाया पैसा नहीं देती। निगमों के दिल्ली सरकार पर 13 हजार करोड़ रूपये बकाया हैं। दिल्ली के लोगों को साफ पानी देने की जिम्मेदारी सीधे अरविंद केजरीवाल की है, लेकिन दिल्ली के अनेक इलाकों में साफ पानी नहीं मिल रहा है। 

पीडब्ल्यूडी के नालों की नहीं होती सफाई 
भाजपा का दावा है कि दिल्ली में जिन सड़कों को निगम बनाता है, उन्हें और जिनको दिल्ली सरकार बनाती है, उन्हें लोगों को देखना चाहिए। बारिश के मौसम में दिल्ली ने देखा कि दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से की पीडब्ल्यूडी की सड़कों और किनारे बने नालों की सफाई नहीं कराई, जिससे सड़कों पर भारी जल जमाव देखने को मिला और लोगों को जमकर परेशानी हुई।

वापस लाएंगे खोई जमीन: कांग्रेस
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी निगम चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने को तैयार है। प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी के नेतृत्व में पार्टी लगातार जमीनी मुद्दों को उठा रही है। पार्टी ने कहा है कि दिल्ली सरकार प्रदेश में और भाजपा निगमों में भ्रष्टाचार का खुला खेल खेल रही है। दिल्ली की जनता कांग्रेस को पसंद करेगी।

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