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Delhi News: किसी भी विभाग ने नहीं निभाई जिम्मेदारी

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राजेंद्र नगर हादसा : कार्रवाई और निरीक्षण करना तो दूर, शिकायतों पर बंद कर ली जाती हैं आंखें
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धनंजय मिश्रा

नई दिल्ली। राजेंद्र नगर में कोचिंग हादसे में किस विभाग की लापरवाही है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मामले में अब-तक किसी भी विभाग के सरकारी कर्मचारी या अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। हादसे का प्रमुख कारण सड़क पर जलभराव था, लेकिन यह जलभराव कैसे हुआ है किस एजेंसी के जिम्मे जलभराव रोकने का काम है, यह सब सवाल अभी फाइलों में इधर-उधर घूम रहे हैं। हालात यह हैं कि अलग-अलग विभागों के अधिकारी एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने की तैयारी में लगे हैं। वहीं जनप्रतिनिधि अपनी राजनीति चमकाने के अवसर के रूप में इस दर्दनाक हादसे को ले रहे हैं।



दिल्ली की जनता के साथ ही विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक को पता है कि राजेंद्र नगर का हादसा कोई नया नहीं है। पिछले दिनों ही जलभराव की वजह से यूपीएससी प्रारंभिक पास किए हुए एक छात्र की करंट लगने से मौत हो गई थी। पिछले साल मुखर्जी नगर में दो-दो बड़ी आगजनी की घटना हुई जिसमें छात्र बाल-बाल बच गए। पहला कोचिंग इंस्टीट्यूट में दूसरा छात्राओं के पीजी में। सवाल उठता है कि आखिर इस तरह के हादसे का जिम्मेदार कौन है। स्थानीय नगर निकाय पार्षदों के साथ जल बोर्ड, विधायक, सांसद, शासन-प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस, बिजली कंपनियां समेत अन्य संगठनों पर भी सवाल उठना चाहिए। दिल्ली का मास्टर प्लान तैयार करने वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण जो केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अधीन है और टाउन प्लानिंग करने वाले भी इसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, लेकिन नोट की चोट से विभागों के अधिकारियों ने कार्रवाई और निरीक्षण करना तो दूर, बल्कि शिकायतों पर अपनी आंखें बंद की हुई हैं।
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सीधे तौर पर यह विभाग हैं जिनकी वजह से तीन छात्रों की हुई मौत



एमसीडी का मेंटेनेंस विभाग : मेंटेनेंस विभाग की यह जिम्मेदारी है कि वह सड़कों पर अतिक्रमण न होने दे, साथ ही नालों की सफाई का जिम्मा भी इस विभाग के पास है। ऐसे में इस विभाग ने दो कार्यों को लेकर सीधे तौर पर लापरवाही की है। एक तो इलाके में नालों के ऊपर अतिक्रमण और दूसरा नालों की सफाई को लेकर लापरवाही। इस विभाग के पास यह भी जिम्मेदारी है कि जलभराव होने पर उसे तुरंत खत्म किया जाए, लेकिन राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे में इस विभाग ने एक भी जिम्मेदारी नहीं निभाई।



एमसीडी का भवन विभाग :
निगम के इस विभाग की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कहीं पर भी भवन निर्माण के नियमों का उल्लंघन न हो। राजेंद्र नगर कोचिंग सेंटर की इमारत का नक्शा पास था और बेसमेंट में स्टोर और पार्किंग के लिए अनुमति दी गई थी। जब पार्किंग और स्टोर के लिए अनुमति दी गई थी तो यहां पुस्तकालय कैसे चल रहा था? यहां पर इस विभाग ने सीधे तौर पर लापरवाही की है।
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पुलिस : इस विभाग के पास कानून-व्यवस्था के अलावा अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने और उसपर कार्रवाई करने का भी अधिकार है। राजेंद्र नगर के हादसे वाले कोचिंग सेंटर के पास ही पिंक पुलिस बूथ बना हुआ है। इसके बावजूद राव आईएएस इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में अवैध तरीके से पुस्तकालय चल रहा था। साथ ही नाले पर अतिक्रमण था। इसको लेकर पुलिस संबंधित विभाग को कार्रवाई करने के लिए कह सकती थी।
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