यस बैंक से 300 करोड़ रुपये लोन लेकर हेराफेरी में दो निदेशक और एक फर्जी कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट और नयाती हेल्थकेयर की चेयरमैन नीरा राडिया से रविवार को पूछताछ की। यह पूछताछ करीब चार घंटे तक चली।
एक विरष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनसे करीब 50 सवाल पूछे गए। हालांकि उन्होंने सभी के जवाब दिए, लेकिन वो संतोषजनक नहीं थे। इसलिए जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
अधिकारी ने बताया कि पिछले साल इस कथित बैंक लोन का मामला दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों ने समझौते के माध्यम से इसे सुलझाने के लिए रजामंदी व्यक्त की थी, लेकिन बाद में यह नहीं हुआ। हमें इस मामले को हर कोण से जांचना पड़ा। इसी कड़ी में दोनों पक्षों को जांच के लिए नोटिस भेजा गया था।
इस मामले में शामिल सभी पक्षों के सारे बैंक खाते और लेनदेन में उपयोग किए जाने वाले संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इससे पहले 14 अक्तूबर को पुलिस ने नयति हेल्थ केयर एंड रिसर्च एनसीआर प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों सतीश और यतीश और नकली कंपनी अहलूवालिया कंस्ट्रक्शन के मालिक राहुल सिंह यादव को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही नीरा राडिया और उसकी बहन करुणा मेनन को पूछताछ के लिए समन भेजा था।