राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने लगातार हो रहे नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए), उत्तर प्रदेश की कार्यात्मक ऑडिट के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने समिति गठित करने का निर्देश दिया। निर्देश के मुताबिक पर्यावरण और वन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष इस समिति के सदस्य होंगे।
पीठ ने कहा कि यह समिति उत्तर प्रदेश एसईआईएए की कार्यात्मक ऑडिट करेगी और इस बात का पता लगाएगी कि नियमों के खुलेआम उल्लंघन कैसे हो रहे हैं और स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
एनजीटी ने कहा कि यह समिति किसी अन्य विशेषज्ञ/संस्था से सहायता लेने और स्टेक होल्डरों के साथ बातचीत करने के लिए स्वतंत्र होगी। इसके साथ ही यूपी एसईआईएए को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के आलोक में लगातार बड़े पैमाने पर हो रहे उल्लंघन को देखते हुए अपने कामकाज की समीक्षा करनी होगी।