जनरल एमएम नरवणे, पूर्व सेना प्रमुख
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दिल्ली पुलिस ने सेवानिवृत्त थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण के कथित लीक की जांच के सिलसिले में पेंगुइन इंडिया के प्रतिनिधियों से पूछताछ की है। सूत्रों ने गुरुवार को बताया, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी ने रक्षा मंत्रालय की अनुमति लेने की अनिवार्य शर्त को दरकिनार करने की भी कोशिश की थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्पेशल सेल ने प्रकाशक को करीब 15 सवालों के जवाब मांगने वाला नोटिस जारी किया था और बुधवार को उनके गुरुग्राम स्थित कार्यालय का दौरा भी किया था। गुरुवार को कंपनी के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कुछ सवालों के जवाब दिए और अन्य के लिए समय मांगा। पुलिस जवाबों का विश्लेषण कर रही है और प्रबंधन तथा प्रकाशन प्रतिनिधियों से आगे भी पूछताछ की जा सकती है।
आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं को भी केस में किया शामिल
जांचकर्ताओं ने मौजूदा प्राथमिकी में आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं को शामिल किया है, क्योंकि उन्हें संदेह है कि यह लीक आकस्मिक नहीं हो सकता है। जांच अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों में पूर्व-मुद्रण प्रतियों की कथित बिक्री या वितरण पर केंद्रित है।
एक जांचकर्ता ने बताया है कि संदेह है कि पहली बार लीक हुई जानकारी कथित तौर पर ब्रिटिश महासागर क्षेत्र से जुड़े .io डोमेन एक्सटेंशन पर अपलोड की गई थी, जिसके बाद यह कई अन्य होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई दी।
ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और कॉपीराइट अधिनियम की धाराएं भी जोड़ीं
दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की कथित अप्रकाशित किताब (फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी) के ऑनलाइन लीक और अनधिकृत सर्कुलेशन को लेकर दर्ज मामले में ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और कॉपीराइट अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं। पुलिस ने यह कदम तब उठाया जब बिना जरूरी मंजूरी के किताब के अंश सोशल मीडिया पर साझा किए गए। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है कि संवेदनशील पांडुलिपि कैसे सार्वजनिक हुई।