कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए राजधानी में बुधवार से 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगना शुरू हो जाएगा। इन्हें कोर्बेवैक्स की खुराक दी जाएगी। इसे लेकर अभिभावकों ने भी खुशी जाहिर की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली में इस आयु वर्ग के करीब 6.07 लाख बच्चे हैं, जिनमें से करीब 99 फीसदी स्कूल जाते हैं। इन बच्चों का टीकाकरण एक महीने में पूरा किया जा सकता है। यह लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग की ओर से सभी जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो साल में पहली बार राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल एक अप्रैल से पूरी तरह से प्रत्यक्ष तरीके से खुलेंगे और ऑनलाइन पढ़ाई समाप्त हो जाएगी। स्कूलों की मदद लेते हुए इन बच्चों का करीब 30 दिन में ही टीकाकरण लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोवाक्सिन की तरह कोर्बेवैक्स की दो खुराक 28 दिन के अंतराल में लेना जरूरी है। 14 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए कोवाक्सिन उपलब्ध है, जबकि 12 से 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को कोर्बेवैक्स की खुराक दी जाएगी।
राजधानी में अभिभावकों ने सरकार की इस घोषणा से राहत की सांस ली है और कहा कि बच्चों के लिए टीके का लंबे समय से इंतजार था। अभिभावक पूजा सिंह ने उम्मीद जताते हुए कहा कि पिछले साल की तरह अपने बच्चों के टीकाकरण के लिए अब उन्हें भटकना नहीं होगा। द्वारका निवासी इला जोशी ने कहा कि लंबे समय से इसका इंतजार था। कम से कम एक महीने पहले टीकाकरण हो जाता तो अच्छा होता, ताकि बच्चों को दोनों खुराक पहले मिल जातीं। अप्रैल में प्रत्यक्ष कक्षाएं शुरू होंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली में 12 से 13 वर्ष की आयु के कुल लड़कों की संख्या 1.64 लाख है, जबकि लड़कियों की संख्या 1.40 लाख है। इनके अलावा 13 से 14 वर्ष की आयु के कुल लड़के 1.67 लाख और लड़कियां 1.44 लाख होने का अनुमान है।
किशोर टीकाकरण में 16 लाख को लगी खुराक
इस साल तीन जनवरी से देश में 15 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों का टीकाकरण किया जा रहा है। राजधानी में इनकी कुल संख्या करीब 10.84 लाख है। अब तक 16.94 लाख से अधिक खुराक दी गई हैं। इसके आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली में 60 फीसदी से अधिक किशोर दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुके हैं।
इंद्रधनुष के साथ-साथ चलेगा अभियान
विभागीय अधिकारियों ने एक सवाल पर बताया कि वर्तमान में दिल्ली के सभी जिलों में इंद्रधनुष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नौनिहाल व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। इसी के साथ ही जिला टीमें 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण करेंगी। इस कार्य में स्थानीय स्कूल प्रबंधन इनका सहयोग करेंगे।