नाबालिग ने इसी साल 12वीं कक्षा पास करने के बाद पूसा इंस्टीट्यूट में आईटीआई में दाखिला लिया था। इसके साथ ही वह घर के पास एक इंस्टीट्यूट में कंप्यूटर कोर्स करने के अलावा इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स भी कर रहा था। शाम को उसकी क्लास होती थी। रोजाना करीब 9 बजे वह वापस लौटता था।
शुक्रवार रात जब वह क्लास के बाद इंस्टीट्यूट से घर जाने के लिए निकाला तो घर से 50 मीटर पहले तीन लड़कों ने उसे घेर लिया। कहासुनी के बाद दो लड़कों ने चाकू निकालकर उसके पेट, कमर, गर्दन व शरीर के बाकी हिस्सों पर वार कर दिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
छानबीन के दौरान पता चला कि मृतक की बहन के साथ स्थानीय दो-तीन नाबालिग लड़के छेड़छाड़ करते थे। उसने दीपावली से दो दिन पहले इसका विरोध किया तो उनसे झगड़ा हो गया। नाबालिग ने एक लड़के को थप्पड़ भी मार दिया था। आरोपियों ने दीपावली के बाद इसका हिसाब-किताब करने की बात की थी। पुलिस ने मामला दर्ज करने के कुछ ही घंटों बाद दो नाबालिगों को पकड़ लिया। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इंसानियत को किया शर्मसार
नाबालिग के साथ हुई पूरी वारदात गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। आरोपी बेरहमी से उस पर चाकू से हमला कर रहे हैं, लेकिन गली से गुजर रहे लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ा। न तो किसी ने उसे बचाने की कोशिश की और न ही आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। हद तो तब हो गई जब एक व्यक्ति नाबालिग के शरीर को लांघकर अपने घर में दाखिल हो गया।
इकलौते बेटे की मौत के बाद से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल
रात करीब 9.30 बजे एक रिश्तेदार ने घर पहुंचकर जानकारी दी कि बेटे को चाकू मार दिया है, वह बीच सड़क पर अचेत पड़ा है। माता-पिता दोनों रोते हुए मौके पर पहुंचे। वहां लोगों की भीड़ जुटी थी। माता-पिता उसे अस्पताल ले जाने लगे तो लोगों ने उनको पुलिस केस होने की बात कर रोक दिया। पुलिस मौके पर पहुंची, तब नाबालिग को अस्पताल ले जाया गया। इकलौते बेटे की मौत पर परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है।
बहन से हमेशा रक्षा करने की करता था बात
पिछले दिनों 15 वर्षीय बहन ने नाबालिग भाई को सारी बात बताई थी तो उसने माता-पिता को न बताने के लिए कहा था। उसने बहन से कहा कि उसकी रक्षा करने के लिए वह मौजूद है। जरूरत पड़ेगी तो वह अपनी जान भी दे देगा। यह कहते हुए 15 वर्षीय बहन फूट-फूटकर रोने लगी।