उन्होंने कहा कि 28 अक्टूबर को इनका एक नया ऑडियो सामने आया, जिसमें ये दलाल टीआरएस के विधायक को खरीदने व अपने अन्य विधायक साथियों को भी साथ लाने की बात कर रहे थे। सिसोदिया ने हैरानी जताई कि भाजपा की ओर से विधायक खरीदने वाले खुलेआम कह रहे थे कि विधायक और विधायकों को साथ लेकर आए संतोष जी पार्टी में नंबर 2 शाह जी से मिलवाएंगे। साथ में उनकी सीबीआई व ईडी की तरफ से बेफिक्र होने की सलाह थी।
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में भी इन लोगों ने आप के विधायकों को पार्टी तोड़ने का ऑफर दिया था, लेकिन ‘आप’ के विधायकों ने भाजपा के इस ऑपरेशन लोटस का भांडा फोड़ा था। इन्होंने मेरे साथ भी यह कोशिश की थी और ठीक उसी तरह यह दलाल इस ऑडियो में कह रहे हैं कि वह दिल्ली में भी वे ऑपरेशन को उसी तरह ऑपरेट कर रहे है जैसे तेलंगाना में कर रहे है। सिसोदिया का दावा है कि तेलंगाना में 4 एमएलए खरीदने के लिए ये 100 करोड़ रुपये लेकर आए थे तो दिल्ली के 43 विधायकों को खरीदने के लिए लाए हुए 1075 करोड़ रूपये कहा रखे हुए है? उनका सवाल था कि यह पैसे किसके है और कहां से आए? इन सब की जांच होनी चाहिए।
विधायकों को तोड़ने की कोशिश
आप विधायक आतिशी का आरोप है कि दिल्ली में ऑपरेशन लोटस के जरिए आप विधायकों को खरीदने का सबूत अब सामने आ गया है। दलालों ने टीआरएस विधायकों को बताया कि दिल्ली में 43 विधायक को तोड़ने की कोशिश की गई थी। दलालों का जो ऑडियो सामने आया है, उसमें वह कह रहे हैं कि तेलंगाना की तरह दिल्ली में 43 विधायक संपर्क में हैं। आप विधायकों ने पहले ही बता दिया था कि उनको 25 करोड़ तक के ऑफर दिए गए। आतिशी के मुताबिक, गिरफ्त में दलालों की कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेडी और आरएसएस नेता बंगारू दत्ता के साथ तस्वीरें हैं।