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जून तक पिंक लाइन पर मेट्रो हो जाएगी ड्राइवरलेस

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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की सबसे बड़ी पिंक लाइन (58.6 किमी) जून तक ड्राइवरलेस हो जाएगी। मयूर विहार पॉकेट वन और त्रिलोकपुरी के बीच करीब डेढ़ किमी का निर्माण पूरा न होने की वजह से इसे ड्राइवरलेस नहीं किया गया है इस दायरे में निर्माण पूरा होने से पिंक लाइन पर यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों की जरूरत नहीं होगी।
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डीएमआरसी ने मेजेंटा के बाद पिंक लाइन को ड्राइवरलेस बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल त्रिलोकपुरी-मयूर विहार (पॉकेट वन) के बीच लाइन बिछाने और पिलर निर्माण का काम अंतिम चरण में है। जमीन की उपलब्धता न होने की वजह से डेढ़ किमी दायरे में मेट्रो परिचालन शुरू नहीं हो सका। इस समस्या को दूर करने के बाद निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने बताया कि पिंक लाइन पर त्रिलोकपुरी-मयूर विहार फेज-वन के बीच निर्माण मार्च तक पूरा हो जाएगा। सिग्नलिंग, टेस्टिंग और ट्रायल के बाद जून में पिंक लाइन कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ने लगेगी। इस सेक्शन पर निर्माण पूरा होने से मजलिस पार्क से मयूर विहार पॉकेट वन और इससे आगे त्रिलोकपुरी-शिव विहार के बीच यात्रियों को सफर का मौका मिल सकेगा।
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डीएमआरसी के एमडी के मुताबिक, फेज-तीन की दो लाइनों को ड्राइवरलेस किया जा सकता है। फेज-तीन की दोनों लाइनों पर मेट्रो को बगैर चालक दौड़ाने के लिए सभी तकनीकी इंतजाम पहले से पूरे हैं।
ड्राइवरलेस मेट्रो पर डॉ. मंगू सिंह ने कहा कि 99.9 फीसदी अनुभव काफी अच्छा है। 0.01 फीसदी कमियां हैं, जो सुरक्षा नहीं बल्कि परिचालन से संबंधित रहीं। इन्हें दूर कर लिया गया। विदेश में ऐसी किसी पहल से पहले एक-डेढ़ साल तक ट्रायल होता है। देश में डीएमआरसी ने पहले ही परिचालन की शुरुआत कर दी। इसी दौरान टेस्टिंग और ट्रायल भी जारी रहा। इसके लिए देर रात में काम खत्म किया गया, ताकि यात्री सुविधा के साथ तकनीकी बदलाव को भी जल्द अमली जामा पहनाया जा सके। मेजेंटा लाइन को चालक रहित बनाने के बाद यात्रियों के फीडबैक के मुताबिक जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।
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