दिल्ली की जीवनरेखा बनी दिल्ली मेट्रो 20वें वर्ष में दस्तक देने वाली है। रेड लाइन पर शाहदरा से तीस हजारी के बीच दिसंबर 2002 में चली मेट्रो ने अपने पंख दिल्ली समेत एनसीआर में पसार लिए हैं। मेट्रो का दायरा दस लाइनों के जरिए 391 किमी तक पहुंच गया है। मजलिस पार्क-मौजपुर का फेज-4 का करीब 13 किमी हिस्सा तैयार होते ही मेट्रो विस्तार 400 किमी लंबा होगा। इस लिहाज से हर साल मेट्रो ने औसतन 20 किमी लंबा नेटवर्क तैयार किया है।
दिलचस्प यह कि अगले साल यात्रियों को मेट्रो की सभी लाइनों पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) से सफर का मौका मिलेगा। वहीं, रिंग बना रही पिंक लाइन ड्राइवरलेस होगी। इससे दिल्ली मेट्रो को दुनिया के सबसे लंबे ड्राइवरलेस मेट्रो कॉरिडोर का तमगा मिल जाएगा।
दिसंबर, 2002 में शुरू हुई मेट्रो सेवाएं अब 10 लाइनों पर दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए जीवनरेखा बन गई है। त्वरित और आरामदायक सफर से सहूलियतें बढ़ने के साथ ही जीवनशैली में भी बदलाव आया। तीन फेज में फिलहाल करीब 391 किलोमीटर के दायरे में यात्रियों के लिए फिलहाल मेट्रो की सुविधा है। फेज-4 पर मेट्रो परिचालन शुरू होने से नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक लंबा हो जाएगा।
महामारी में भी बढ़ते रहे मेट्रो के कदम
महामारी काल में भी दिल्ली मेट्रो के विस्तार की रफ्तार थोड़ी कम हुई। इसी दौरान पिंक लाइन के शेष हिस्से में त्रिलोकपुरी (संजय लेक)-मयूर विहार (पॉकेट-1) और ग्रे लाइन पर नजफगढ़-ढांसा बस अड्डा मेट्रो स्टेशन के बीच यात्रियों को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी)पर दो छोटे छोटे सेक्शन में सेवाएं शुरू हुईं। इसी दौरान दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन, पहली ड्राइवरलेस लाइन बनने का मौका भी मिला। पांच महीने से अधिक दिनों तक सेवाएं बंद रहने से डीएमआरसी को 2000 करोड़ से अधिक का नुकसान होने के बाद भी आगे बढ़ने का सिलसिला जारी है।
फेज-4 परियोजनाओं पर तेजी से चल रहा है निर्माण
मेट्रो फेज-4 परियोजना के तहत तीन कॉरिडोर पर काम चल रहा है। आरके आश्रम-जनकपुरी(पश्चिम), तुगलकाबाद-एयरोसिटी और मौजपुर-मजलिस पार्क के बीच तीन कॉरिडोर के पूरा होने से दिल्ली मेट्रो का सफर और लंबा हो जाएगा। मेट्रो फेज-4 के सभी स्टेशनों पर एनसीएमसी के लिए पहले से ही बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सभी लाइनों पर मेट्रो यात्रियों को 2022 में एनसीएमसी की सुविधा देने के लिए तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
यमुना पर मेट्रो के पांचवां पुल का चल रहा है निर्माण
यमुना नदी पर दिल्ली मेट्रो के 5 वें मेट्रो पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है।फेज-4 में मजलिस पार्क-मौजपुर मेट्रो कॉरिडोर पर 560 मीटर लंबा पुलस वजीराबाद ब्रिज और सिग्नेचर ब्रिज के बीच बनेगा। इससे यात्रियों को सहूलियतें बढ़ने के साथ ही सफर के दौरान यमुना के सौंदर्य को निहारने का मौका मिलेगा। इससे पहले यमुना बैंक, निजामुद्दीन, कालिंदी कुंज, शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए यमुना नदी के ऊपर चार पुल निर्मित किए जा चुके हैं।
दुनिया के सबसे लंबे ड्राइवलेस मेट्रो कॉरिडोर में
मजलिस पार्कमौजपुर कॉरिडोर के सूरघाट मेट्रो स्टेशन पर इसका निर्माण किया जा रहा है। 12.098 कि.मी. लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर आठ स्टेशन हैं। पिंक लाइन का यह विस्तार मजलिस पार्कशिव विहार कॉरिडोर का रिंग पूरा करेगा और लगभग 70 कि.मी. लंबा यह कॉरिडोर देश का सबसे पहला रिंग कॉरिडोर होगा।
मेट्रो की 10 लाइनों से यात्रियों की आसान हुई पहुंच
रेड लाइन-2004, 2002
येलो लाइन-दिसंबर,2004
ब्लू लाइन- दिसंबर, 2005
ब्लू लाइन-आनंद विहार आईएसबीटी से वैशाली, 2010
ग्रीन लाइन-कीर्ति नगर-अशोका पार्क, अगस्त, 2011
वॉयलेट लाइन-कश्मीरी गेट से राज नाहर सिंह, अक्तूबर, 2010
पिंक लाइन-मजलिस पार्क से साऊथ कैंपस, मार्च 2018
मजेंटा लाइन-बॉटेनिकल गार्डन से कालकाजी मंदिर, दिसंबर, 2017
ग्रे लाइन-द्वारका-नजफगढ़, अक्तूबर, 2019
एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन-नई दिल्ली-सेक्टर-21, फरवरी, 2011
जेवर एयरपोर्ट से एक्सप्रेस लाइन को जोड़ने का प्रस्ताव
दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार जेवर एयरपोर्ट तक करने का प्रस्ताव है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट(डीपीआर)तैयार की जा रही है। इसे अमली जामा पहनाने से यात्रियों के लिए विमान में सफर करना और सुलभ हो जाएगा। इस परियोजना के तहत जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम तक तेज रफ्तार मेट्रो के परिचालन का प्रस्ताव है। हाल ही में इसके लिए विभागों और एजेंसियों की दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ बैठक हुई थी। अगले साल मार्च तक एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार द्वारका स्थित कंवेशन एंड एक्सपो सेंटर तक कर दिया जाएगा। इससे दिल्ली के किसी भी कोने से लोगों को अंतराष्ट्रीय स्तर के व्यावसायिक परिसर तक आसान पहुंच होगी।