दिल्ली में कोरोना का टीका लगवाने वाले पहले शख्स और एम्स में कार्यरत 34 साल के मशीन ऑपरेटर मनीष कुमार ने कहा कि उन्होंने खुद अस्पताल के अधिकारियों से पहला टीका लगवाने को कहा क्योंकि इस काम के लिए चुने गए उसके साथियों को टीका लगवाने में डर लग रहा था।
विज्ञापन
2 of 6
कोरोना की वैक्सीन लगवाते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
कुमार की मां लक्ष्मी रानी भी एम्स में काम करती हैं। उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल भी नहीं घबराया, अच्छे से सोया और उसे टीका लगवाने पर गर्व है। एम्स में टीकाकरण अभियान की शुरुआत के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की मौजूदगी में शनिवार को मनीष कुमार को कोविड-19 का टीका लगाया गया।
विज्ञापन
3 of 6
कोरोना की वैक्सीन लगवाते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
मनीष कुमार ने कहा कि मुझे पता नहीं था कि मैं टीका लगवाने वाला पहला शख्स हूं। मैं कल रात अच्छे से सोया था, सुबह अस्पताल आया और अन्य कर्मियों से बात की जिन्हें टीका लगना था।
4 of 6
कोरोना की वैक्सीन लगवाते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
मनीष ने कहा कि उनमें से कई डरे हुए थे, तो मैं अपने वरिष्ठों के पास गया और कहा कि मुझे सबसे पहले टीका लगाया जाए। मैं अपने साथियों के सामने साबित करना चाहता था कि डरने की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
5 of 6
कोरोना की वैक्सीन लगवाते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
नजफगढ़ निवासी कुमार पिछले आठ साल से अस्पताल में काम कर रहा है। उसने बताया कि उसकी पत्नी बहुत घबराई हुई थी। बताया कि उसने तो मुझसे कहा कि टीका नहीं लगवाऊं। मैंने उसे बताया कि यह केवल एक इंजेक्शन है। इसे लगवाने के बाद मैंने अपनी मां से कहा कि मेरी पत्नी को बता दें कि मैं ठीक हूं।
कोरोना की वैक्सीन लगवाते स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : PTI
मनीष ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद कई घंटे बीत गए और और मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है। मैं सभी से कहना चाहूंगा कि टीके को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। मुझे अब तक कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाई दिया। कोई दर्द नहीं है, सांस लेने में परेशानी नहीं है या हाथ-पैरों को चलाने में कोई कठिनाई नहीं है।