केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र छह साल किए जाने संबंधी केवीएस के निर्णय को उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुनौती दी गई है। यह याचिका एक बच्ची की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में दाखिले के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी है।
केवीएस ने नये सत्र में पहली कक्षा में दाखिले के लिए 31 मार्च, 2022 को बच्चे का न्यूनमत उम्र छह साल होना अनिवार्य कर दिया। पहले 5 साल के बच्चे को दाखिला मिलता था।
केंद्रीय विद्यालय में पहली कक्षा में दाखिले का इंतजार कर रही बच्ची आरिन की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने केवीएस द्वारा पहली कक्षा में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्रसीमा 5 साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने को चुनौती दी है।
उन्होंने याचिका में अचानक लिए गए केवीएस के इस निर्णय को मनमाना, अतार्किक और अनुचित बताते हुए रद्द करने की मांग की है। याचिका में कहा है कि याचिकाकर्ता की उम्र 5 साल 9 माह 28 दिन की है और वह अभी यूकेजी में पढ़ रही है और इस साल पहली कक्षा में दाखिला लेने का इंतजार कर रही है।