अदालत ने पूर्वी दिल्ली में दिनदहाड़े एक 20 वर्षीय विवाहित युवती से मारपीट, सामुहिक दुष्कर्म व उसे नग्न हालत में घूमाने के मामले में आरोपी 55 वर्षीय महिला की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा यह शर्मनाक घटना एक व्यस्त आवासीय क्षेत्र में हुई फिर भी कोई भी पीड़ित को बचाने के लिए आगे नहीं आया जो हमारे समाज पर एक काला धब्बा है।
कड़कड़डूमा अदालत में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने कहा यह गंभीर मामला है और पुलिस की जांच व गवाहों की जान को खतरा देखते हुए आरोपी महिला जमानत पाने की हकदार नहीं है। आरोप है कि आरोपी परिवार के एक युवक के विवाह के प्रस्ताव को युवती ने ठुकरा दिया था।
युवती का विवाह किसी अन्य से होने पर युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक के परिवार ने युवती को दोषी मानते हुए उसके ससुराल से उसका अपहरण कर लिया और अपने घर लाकर उससे मारपीट की, सामुहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मृतक के परिजनों ने पीड़िता के बाल काटकर, उसे चप्पलों की माला पहनाकर और स्याही उसके चेहरे पर लगाकर सड़क पर घुमाया।
इसका एक वीडियो खुद आरोपी ने रिकॉर्ड किया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आरोपियों पर मारपीट, मारपीट और मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। महिला के वकील ने तर्क दिया कि वह पुलिस या सोशल मीडिया पर वायरल हुई किसी भी वीडियो क्लिपिंग में नहीं दिखी।