संयुक्त किसान मोर्चा ने झाड़ा था पल्ला
वारदात के बाद से संयुक्त किसान मोर्चा पर सवाल उठने लगे तो पत्रकार वार्ता कर मोर्चा के नेताओं ने साफ किया कि मरने वाले युवक या निहंगों का किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं है, लेकिन घटना को वह गलत ठहराते हैं।
इसके बाद से लगातार किसान मोर्चा के आगामी कदमों पर नजर बनी हुई है। माना जा रहा था कि किसान मोर्चा निहंगों को धरनास्थल से वापस जाने के लिए कहेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। निहंग जहां बार-बार किसान मोर्चा के नेताओं को चेतावनी दे रहे हैं, वहीं किसान नेताओं ने साफ कहा है कि उन्होंने निहंग नेताओं को कुंडली धरने पर नहीं बुलाया था। ऐसे में वह जाने के लिए भी नहीं कह सकते। साथ ही कहा कि पूरी कौम को जिम्मेदार न माना जाए। सिख कौम का इतिहास सुनहरा रहा है। देश को पहले मुगलों से और फिर अंग्रेजों से मुक्ति दिलाने में सिख कौम ने अहम भूमिका निभाई है।
बेअदबी मामले में भी गहराई से हो जांच
संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कहा है कि हत्या के मामले में पुलिस व कानून अपना काम करे, लेकिन बेअदबी के मामले में भी पुलिस गहराई तक जाए। लखबीर की बहन ने बताया था कि वह पिछले 15 दिनों से किसी के संपर्क में था और फोन पर बात करता रहता था। वह निहंगों के डेरे में सिर्फ चार दिन पहले ही आकर रहने लगा था। ऐसे में कई सवाल उठते हैं। यह पूरा षड्यंत्र भी हो सकता है। ऐसे में जांच पूरी होनी चाहिए। दोनों पहलुओं को साथ लेकर जांच होनी चाहिए।
कुंडली बॉर्डर पर जो हुआ वह गलत है: संयुक्त किसान मोर्चा
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि किसान बेअदबी के खिलाफ हैं, लेकिन कानून अपने हाथ में लेने के पक्ष में भी नहीं हैं। कुंडली बॉर्डर पर जो हुआ, वह गलत हुआ। निहंगों को हमने नहीं बुलाया था तो उन्हें वापस जाने के लिए भी हम नहीं कह सकते। पुलिस अपना काम करे, लेकिन बेअदबी के मामले में भी जांच होनी चाहिए। सच्चाई पूरी तरह सामने आनी चाहिए।