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Delhi News : केजरीवाल ने कहा- यमुना की सफाई और 24 घंटे पानी देने के लिए गंभीर है सरकार

Sat, 04 Jun 2022 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कहा कि भूजल का सग्रहण कर बढ़ाई जा रही पानी की क्षमता। विज्ञान और प्राकृतिक तरीकों का इस्तेमाल कर पानी को साफ करने और यमुना में गंदा पानी नहीं जाने देने की योजना पर हो रहा है कार्य।
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दिल्ली के सीएम केजरीवाल... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यमुना की सफाई के साथ-साथ 24 घंटे पानी देने के लिए भूजल का संग्रहण कर पानी की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इस कड़ी में रोहिणी एसटीपी के पास कई झीलें भी बनाई जा रही है। इसका मकसद गंदे पानी को साफ कर उसे इस्तेमाल में लाना है। साथ ही झीलों को लबालब कर भूजल स्तर को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा विज्ञान और प्राकृतिक तरीकों का इस्तेमाल कर पानी को साफ करने और यमुना में गंदा पानी नहीं जाने देने की योजना पर कार्य हो रहा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रोहिणी एसटीपी का दौरा करने के करने के बाद दी।  इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे।

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इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 15 से 20 साल में पहली बार दिल्ली में पानी की आपूर्ति 930 एमजीडी से बढ़कर 990 एमजीडी हुई है। दिल्ली सरकार ने आंतरिक स्रोतों से 60 एमजीडी अतिरिक्त पानी बढ़ाया है, जबकि वर्ष 90 के दशक में सुप्रीम कोर्ट ने पड़ोसी राज्यों से दिल्ली को पानी आवंटित किया था। उसके बाद इसे कभी नहीं बढ़ाया गया, जबकि तब दिल्ली की आबादी एक करोड़ से भी कम थी और आज करीब 2.5 करोड़ हो चुकी है। 

उन्होंने कहा कि पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए दो समानांतर प्रयास किए जा रहे हैं। एक तरफ केंद्र सरकार के जरिए पड़ोसी राज्यों पानी लेने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं आंतरिक स्रोतों से पानी को बढ़ाया जा रहा है। आंतरिक स्रोतों के मामले में एसटीपी में सीवर को साफ किया जा रहा है, वहीं भूमिगत जल को संग्रहरण करके पानी को प्राप्त किया जा रहा है। दिल्ली सरकार का आकलन है कि दिल्ली में 1300 से 1400 एमजीडी पानी होना चाहिए।
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रोहिणी एसटीपी में साफ होने वाले पानी का नहीं होता था इस्तेमाल
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि रोहिणी एसटीपी प्रतिदिन 15 एमजीडी सीवर साफ करता है। इस पानी का उपयोग करने के बजाए उसे यमुना नदी में डाल दिया जाता था। अभी भी एसटीपी से साफ होने वाले पानी में गंदगी बहुत ज्यादा है। इस कारण तय किया है कि पानी को अच्छे से साफ किया जाए और यहां पर बनाई जा रही झील में यह साफ पानी डाला जाए। रोहिणी एसटीपी का 15 एमजीडी पानी को साफ करने के लिए कई तकनीक अपनाई गई है। दूसरी ओर कोरोनेशन प्लांट से 70 एमजीडी पानी को पल्ला लाकर यमुना में डाला जाएगा और फिर वजीराबाद प्लांट में साफ कर उसे पीने में इस्तेमाल किया जाएगा।

वाटर बॉडी विकसित करने का उद्देश्य
रोहिणी सेक्टर-25 में एसटीपी के परिसर के अंदर खाली जमीन पर एक नया वाटर बॉडी बनाकर भूजल स्तर में सुधार लाने की भी योजना है। यहां वाटर बॉडी के चारों तरफ करीब 14.5 एकड़ में लोगों के मनोरंजन के लिए टूरिस्ट स्पॉट भी विकसित किया जाएगा। साइट पर 6 पॉलिशिंग तालाबों और दो रिचार्जिंग झीलों वाली आठ इकाइयां विकसित की जा रही है।

80 एकड़ में विकसित की जा रही रोहिणी झील
रोहिणी झील दिल्ली में पुनर्जीवित होने वाली 23 झीलों में से एक है और इसे एक प्रमुख प्रोजेक्ट के रूप में भी नामित किया गया है। झीलों के कायाकल्प के लिए झील का सुंदरीकरण, भू-निर्माण और ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण किया जा रहा है। रोहिणी झील और रोहिणी एसटीपी, दोनों 100 एकड़ जमीन में है, जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 20 एकड़ में और झील 80 एकड़ में विकसित की जा रही है। इस झील में 15 एमजीडी की क्षमता वाले एसटीपी से उपचारित पानी को एकत्रित किया जाएगा। साथ ही, बरसात का पानी भी यहां एकत्र किया जा सकेगा, जिससे आने वाले कुछ सालों में भूजल स्तर में बढ़ोतरी होगी। यह प्रोजेक्ट फरवरी 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसे पूरा होने के एक महीने बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

पर्यटकों को प्रकृति के करीब आने का मिलेगा मौका
झील का अत्याधुनिक भूनिर्माण किया जा रहा है। झील स्थल में प्राइमरी और सेकेंडरी, दो पैदल चलने के लिए पथ और 4.5 मीटर का एक जंगल का रास्ता भी होगा। यहां लगे कई पेड़-पौधे न केवल पर्यटकों को इसकी सुंदरता के लिए आकर्षित करेंगे, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब आने का भी मौका मिलेगा। इसके साथ ही झील में कई विश्व स्तरीय सुविधाएं पार्किंग स्पेस, कैफेटेरिया, चिल्ड्रन पार्क, एंट्रेंस प्लाजा, ग्रैंड स्टेप्ड प्लाजा आदि होगी। झील स्थल पर एक स्टेप्ड वाटर गार्डन, वाटर एल्कोव्स और भारत में जल संचयन की कहानी बताने वाला एक आउटडोर म्यूजियम भी बनाया जाएगा।

पक्षियों और जानवरों के रहने का ठिकाना बनेगी रोहिणी झील
रोहिणी झील पौधों, पक्षियों और जानवरों की कई प्रजातियों के लिए आशियाना बनेगी। झील से आसपास की आबोहवा भी साफ होगी। इससे महानगर की बढ़ती आबादी के लिए पानी की डिमांड और सप्लाई के अंतर को कम करने के अलावा गर्मी के दौरान तापमान को कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही आसपास के लोगों को भी राहत मिलेगी। झील में एक एनोक्सिक तालाब भी है, जिसमें प्राकृतिक पौधे होंगे और झील में जल स्तर बढ़ाएंगे। जलीय वनस्पतियों और जीवों के लिए जगह के साथ-साथ एक मछली का तालाब भी होगा। छत पर एक सौर पैनल के साथ एक पेयजल झील भी होगी।

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हर शुक्रवार को केजरीवाल करेंगे उपराज्यपाल सक्सेना से मुलाकात

दिल्ली के मुद्दों को बेहतर समन्वय से सुलझाते हुए प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रत्येक शुक्रवार को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मुलाकात करेंगे। शुक्रवार को उपराज्यपाल से हुई मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी की। आप विधायक की तरफ से नवनियुक्त उपराज्यपाल पर दिल्ली सरकार के दायरे में आने वाले कार्य क्षेत्रों को प्रभावित करने का आरोप लगाए जाने के बाद हुई इस बैठक को अहम माना जा रहा है। 

आप विधायक आतिशी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल की तरफ से केजरीवाल सरकार के अधिकारियों पर उनके निर्देश पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसे दिल्ली की संवैधानिक शुचिता (पवित्रता) पर हमला करार दिया था। 30 मई को दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की बैठक बुलाने पर आतिशी ने ये आरोप लगाए थे। 

केजरीवाल ने कहा कि शुक्रवार को उपराज्यपाल के साथ हुई बैठक में दिल्ली से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हर शुक्रवार को शाम 4-4.30 बजे के बीच बैठक करेंगे।
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