पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को शोभा यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में एक स्थानीय निवासी समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस दौरान पथराव व आगजनी की घटनाएं हुई थीं। झड़पें हुई थी और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था।
हिंसा के कुछ दिन बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय को पत्र लिखा। इसके बाद ईडी ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी। जहांगीरपुरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई चल रही है।
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि शोभा यात्रा पर पथराव शुरू होते ही तलवार बांटी गई थी। इस बात की पुष्टि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों से हो रही है। अब ये देखा जा रहा है कि आरोपियों के पास एकदम हथियार कैसे आ गए। पुलिस ने करीब पांच आरोपियों से हथियार बरामद किए गए हैं। दूसरी तरफ जहांगीरपुरी हिंसा का मुख्य आरोपी अंसार कैसिनो खेलने नेपाल जाता था। वह साल में कई बार नेपाल चला जाता था।
दिल्ली पुलिस सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भिजवा चुकी है। अब फिर पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार फरीद पुलिस के रिमांड पर है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। उसके पास से हथियार बरामद किए गए हैं।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब ये पूरी तरह स्थापित होता जा रहा है कि सोची-समझ़ी साजिश के तहत जहांगीरपुरी हिंसा को अंजाम दिया गया है। साजिश के तहत ही शोभा यात्रा में पीछे की तरफ के लोगों को जान बूझकर छेड़ा गया और उनसे बहसबाजी की गई। ताकि हिंसा भड़क सके। शोभा यात्रा में शामिल लोगों से बहस करने वाले आरोपियों के पास कोई भी हथियार नहीं थे।
पथराव शुरू होते ही आरोपियों के पास तलवार व हथियार आ गए थे। पुलिस की जांच में ये बात आ चुकी है कि मौके पर तलवार बांटी गई थीं। इन तलवारों को एक जगह पर कबाड़ी की दुकान में रखा गया था। पथराव शुरू होते ही कबाड़ी की दुकान से तलवार निकाल ली गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सलीम चिकना ने मौके पर तलवार बांटी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में चार तलवाट बांटते दिखाई दिख रहा है। जिस तरह तलवार बांटी गई थी उससे कहा जा सकता है कि सोची समझी साजिश के तहत जहांगीरपुरी हिंसा को अंजाम दिया गया है। दूसरी तरफ अंसार जहांगीरपुर में अवैध धंधों से पैसे एकत्रित करता था और उसे नेपाल जाकर कैसिनो खेलने में उड़ाता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अंसार ने पूछताछ में बताया है कि वह वर्ष 2016 से लेकर अब तक करीब 50 लाख रुपये कैसिनो खेलने में उड़ा चुका है। पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि जहांगीरपुरी हिंसा के काफी आरोपी पश्चिमी बंगाल फरार हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस की टीमें वहां दबिश दे रही हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पश्चिमी बंगाल पुलिस सहयोग नहीं कर रही है।