अगले महीने से दिल्ली का सफदरजंग अस्पताल उन माताओं की गोद भरेगा, जिनकी सालों से गोद सूनी पड़ी है। अप्रैल माह के शुरूआत में यहां आईवीएफ चिकित्सा सेवा शुरू होने जा रही है जिसके लिए डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया भी चल रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की पहल पर अस्पताल प्रबंधन तेजी से तैयारियों में जुटा है।
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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, एंब्रियोलाजी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है जिसे पूरा होने में अभी करीब दो से तीन सप्ताह लग सकता है। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सहयोग से अस्पताल में आईवीएफ क्लिनिक शुरू होगा। अस्पताल में यह सेवा पूरी तरह से निशुल्क होगी। साथ ही प्रसूति रोग विभाग के साथ मिलकर यह कार्य करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में बीते कुछ वर्षों के दौरान ही आईवीएफ की मांग काफी तेजी से बढ़ी है। चूंकि निजी स्वास्थ्य क्षेत्रों में यह उपचार लाखों रुपये में होता है। ऐसे में प्रत्येक परिवार तक यह सुविधा मुहैया कराने के लिए सबसे पहले केंद्र सरकार ने अपने अस्पतालों में पहल की है। अभी तक दिल्ली एम्स में यह सुविधा चल रही है। लेकिन, सफदरजंग और आरएमएल में आगामी दिनों के दौरान आईवीएफ क्लिनिक शुरू करने की योजना है।