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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: दिल्ली एम्स में शुरू हुई अत्याधुनिक जांच, 60 मिनट में गर्भाशय कैंसर की हो जाएगी पहचान

Tue, 08 Mar 2022 09:29 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एम्स की वरिष्ठ डॉ. नीरजा भटला ने बताया कि देश में गर्भाश्य कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से हर घंटे देश में सात महिलाओं की मौत हो रही है। हालांकि समय पर बीमारी की पहचान होती है तो इसका उपचार भी उपलब्ध है और मरीज की जान भी बचाई जा सकती है। 
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दिल्ली एम्स - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिल्ली एम्स ने महिलाओं में गर्भाशय कैंसर का समय पर पता लगाने के लिए अत्याधुनिक जांच सुविधा शुरू की है। इसके तहत कोरोना में इस्तेमाल मशीन का प्रयोग किया जा रहा है जो 60 मिनट में ही गर्भाशय कैंसर के बारे में पता लगा सकती है। कोरोना महामारी से पहले इसी मशीन का इस्तेमाल टीबी रोग की पहचान में भी किया जा रहा था। 

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एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि इस मशीन के जरिए आनुवांशिक जांच की जाती है। अभी तक एम्स में दूसरी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा था लेकिन अब समय पर महिलाओं की जांच और उसका परिणाम प्राप्त करने के लिए इस आनुवांशिक विशेषज्ञता से जुड़ी जांच को शुरू किया है। मंगलवार को एम्स परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निशुल्क कैंसर की जांच भी की।

पांच से छह फीसदी महिलाओं में जोखिम भरा होता है गर्भाशय कैंसर
डॉ. भाटला ने बताया कि उन्होंने बताया कि देश में साल 2016 से 2018 के बीच ही 3.09 लाख महिलाओं में गर्भाशय कैंसर की पुष्टि हुई थी। ह्यमून पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) की वजह से होने वाला यह कैंसर करीब पांच से छह फीसदी महिलाओं में जोखिम भरा होता है। इससे बचने के लिए टीका भी मौजूद है लेकिन जानकारी न होने की वजह से महिलाओं को यह नहीं मिल पाता है। 

कोरोना जांच में इस्तेमाल मशीन से गर्भाशय कैंसर का पता लगाया जाएगा
उन्होंने बताया कि पहले टीबी और फिर कोरोना जांच में इस्तेमाल मशीन के जरिए गर्भाशय कैंसर का पता लगाया जाएगा। हालांकि इसके लिए अलग से कार्टिलेज का प्रयोग होगा। एम्स प्रबंधन ने जानकारी दी है कि मंगलवार देर शाम तक निशुल्क कैंसर जांच के दौरान करीब 100 महिलाओं को शामिल किया गया जिनमें पांच महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन महिलाओं को जांच कराने से पहले तक इसकी जानकारी भी नहीं थी। 
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एक्सरे-अल्ट्रासाउंड की तरह नहीं होगी वेटिंग
एम्स में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की तरह अब गर्भाशय कैंसर की जांच के लिए भी कोई वेटिंग नहीं होगी। नई मशीन के इस्तेमाल से उसी दिन मरीज की जांच और रिपोर्ट मिल जाएगी जिस दिन ओपीडी में एम्स के डॉक्टर उसकी चिकित्सीय सलाह देंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के निर्देशों पर दिल्ली एम्स बीते कई महीनों से जांच इत्यादि की वेटिंग खत्म करने में जुटा हुआ है। बीते छह महीने के अंदर एम्स ने एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की वेटिंग को पूरी तरह से खत्म कर एक ही दिन में जांच और रिपोर्ट देने की सेवा विकसित की है। 
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