राजधानी के प्रगति मैदान में चल रहा 40वां अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला शनिवार को समाप्त हो गया। इस बार पुलिस की ही सख्ती का ही नतीजा रहा कि मेले के दौरान 15 दिनों में महज 13 ही एफआईआर दर्ज की गई हैं।
वहीं कोविड प्रोटोकॉल नियमों के उल्लंघन के मामलों में पुलिस ने नर्मी दिखाते हुए महज दो ही लोगों का चालान किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की ओर से लगातार लोगों को जागरुक किया जा रहा था, जिसकी वजह से लोग नियमों का पालन कर रहे थे।
अन्य वर्षों की तुलना में इस बार एक दिन में 30 से 35 हजार लोगों को ही प्रवेश की अनुमति थी, लेकिन शनिवार को आखिरी दिन मेले में करीब 60 हजार के आसपास लोग पहुंच गए। हालांकि मेले के 15 दिनों के दौरान पुलिस की सुरक्षा चुस्त रही।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले सालों के मुकाबले इस साल महज 13 ही ई-एफआईआर दर्ज हुई। ज्यादातर मोबाइल चोरी या अन्य सामान गायब होने की थीं। कोविड और निर्माण कार्य होने की वजह से 2020 में मेले का आयोजन नहीं किया गया था। वर्ष 2019 में आयोजित मेले में 38 एफआईआर दर्ज हुई। वहीं वर्ष 2018 में 34 और वर्ष 2017 में 32 एफआईआर दर्ज हुईं।