दिल्ली सरकार ने अधिसूचना जारी करने की मंजूरी दी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार कंझावला गांव में 920 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करेगी। इस संबंध में उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अधिसूचना जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह दिल्ली के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में से एक होगा। यहां पर डीएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र का विकास करेगा। दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि यहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से न सिर्फ दिल्ली की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी, बल्कि लाखों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कंझावला औद्योगिक क्षेत्र करीब 920 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है और यहां बुनियादी ढांचे के विकास के बाद उद्यमियों को अपना व्यवसाय स्थापित करने का सुनहरा मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि कंझावला औद्योगिक क्षेत्र के विकास से राजधानी में नियमित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे वाणिज्यिक व आवासीय क्षेत्रों में अक्सर दुर्घटनाओं और अनियंत्रित प्रदूषण का कारण बनने वालीं सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों के अवैध संचालन पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा। डीएसआईआईडीसी की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में रोड नेटवर्क, सीवेज, जल निकासी व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, अग्निशमन प्रणाली, बिजली समेत आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
तत्कालीन राष्ट्रपति ने रखी थी विकास केंद्र की बुनियाद
राजधानी के ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए दिल्ली सरकार ने 80 के दशक में मिनी मास्टर प्लान तैयार किया था। इस प्लान में कंझावला समेत 15 स्थानों पर विकास केंद्र बनाने का प्रावधान किया था। वर्ष 1997 में दिल्ली सरकार ने कंझावला में विकास केंद्र बनाने की शुरुआत करने का निर्णय लिया और उस समय के राष्ट्रपति से विकास केंद्र की बुनियाद रखवाई गई थी। इस बीच कंझावला गांव में चकबंदी की शुरुआत हो गई और विकास केंद्र के लिए एक जगह भूमि उपलब्ध कराने व अन्य कई मामलों को कुछ ग्रामीणों ने कोर्ट में चुनौती दे दी। इस कारण कंझावला में विकास केंद्र बनाने की योजना लटक ही नहीं गई, बल्कि रद्द भी हो गई।