आईआईटी और पंचशील पार्क मेट्रो स्टेशन पर परिवहन के सभी माध्यम एक-दूसरे से जुड़ेंगे। इससे मेट्रो छोड़कर बस, ऑटो या रिक्शा लेने वाले मुसाफिरों को बीच सड़क पर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वहीं, मेट्रो गेट पर भीड़भाड़ के बीच से भी नहीं गुजरना पड़ेगा। यात्री परिवहन के एक माध्यम को छोड़कर दूसरे माध्यम पर आसानी से सवार हो सकेंगे।
इसके साथ वह मेट्रो से सार्वजनिक परिवहन के जरिए अपने घर तक पहुंच सकेंगे। दिल्ली सरकार दोनों मेट्रो स्टेशनों पर परिवहन के सभी माध्यमों को जोड़ देने वाले मल्टी मॉडल इंटिग्रेशन (एमएमआई) पर काम करने जा रही है। करीब 4.59 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम भी शुरू होगा।
उपमुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यात्रियों को बेहतर लास्ट माइल कनेक्टिविटी देने के लिए दोनों मेट्रो स्टेशनों पर एमएमआई विकसित किया जा रहा है। इसके बनने से यात्रियों को बस, ऑटो, ई-रिक्शा समेत परिवहन के अन्य साधन आसानी से मिल सकेंगे। लोगों को यात्रा का विश्व स्तरीय अनुभव मिलेगा और उनके समय की भी बचत होगी।
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी और दिल्ली मेट्रो को साथ मिलकर काम करने से इस परियोजना की लागत में भी कमी आएगी और निर्माण कार्य भी समय से पूरा हो सकेगा। यात्रियों को होने वाली परेशानी और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इन मेट्रो स्टेशनों पर एमएमआई तैयार किया जा रहा है। इससे रोजाना इन दोनों स्टेशनों से सफर करने वाले हजारों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस काम के पूरा होने के बाद दोनों स्टेशनों पर जाम की समस्या से निजात भी मिलेगी। दिल्ली मेट्रो और पीडब्ल्यूडी के इस संयुक्त कार्य के बाद परिवहन निगम व अन्य विभागों के साथ मिलकर यात्रियों को घर और दफ्तर तक यात्रा की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके तहत बसों के अलावा, बस ऑटो, ई-रिक्शा समेत परिवहन के अन्य साधनों का बेहतर प्रबंध किया जाएगा।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले यात्रियों को सुरक्षित और सुगम गतिशीलता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ध्यान विभिन्न एजेंसियों द्वारा विकास कार्यों को एकीकृत करने पर है, जिससे न केवल परियोजनाओं की लागत कम होगी, बल्कि इसे पूरा होने में लगने वाले समय की भी बचत होगी और इसके परिणाम स्वरूप जनता को कम कठिनाई होगी।
लोगों का समय भी बचेगा
एमएमआई में मौजूदा पैदल मार्ग में सुधार करते हुए कंक्रीट की टाइलें, वाहनों के रास्ते में सुधार, रेलिंग, रोड मार्किंग और अन्य कार्यों जैसे नाली निर्माण शामिल होगी। मेट्रो स्टेशनों पर उतरने के बाद ज्यादातर जगहों पर घर और दफ्तर तक पहुंचने के लिए स्थानीय परिवहन के साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यह सुविधा लोगों को सहूलियत देने के साथ उनका समय भी बचाएगी। एमएमआई के तहत सभी परिवहन विकल्प एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे। इससे लोगों की सहूलियतें बढ़ेंगी तो दूसरी तरफ ट्रेन, मेट्रो, बस या टैक्सी में सफर करने वालों को राजधानी के किसी भी छोर तक पहुंचने में दिक्कत नहीं होगी।