एंटीबॉडीज को चकमा दे रहा है डेल्टा वैरिएंट
- फोटो : Self
दिल्ली सरकार द्वारा पिछले चार महीने में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए नमूनों में ज्यादातर मरीजों में कोरोना का डेल्टा वैरिएंट पाया गया है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में सरकार ने यह जानकारी दी है।
स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा किया कि जुलाई में दिल्ली में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए 90.9 फीसदी नमूनों में डेल्टा वैरिएंट (बी.1.617.2) का पता चला है। मई और जून में 81.7 और 88.6 फीसदी नमूनों में वैरिएंट पाया गया था। अप्रैल में 53.9 फीसदी नमूनों में डेल्टा वैरिएंट मिला था। अब तक राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में दिल्ली के 5,752 नमूनों में से 1,689 में डेल्टा संस्करण पाया गया। 947 नमूनों में अल्फा संस्करण (बी.1.1.7) का पता चला है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अल्फा और डेल्टा दोनों वैरिएंट को चिंताजनक वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है। डेल्टा वैरिएंट की पहचान भारत में दिसंबर 2020 में की गई थी और बाद में 95 से अधिक देशों में इसका पता चला है। कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट प्रमुख वजह रहा, जिसने देश में लाखों लोगों को संक्रमित किया और हजारों लोगों की जान ली। अल्फा वैरिएंट को पहली बार ब्रिटेन में पिछले साल खोजा गया था।
47 ऑक्सीजन प्लांट लगाए
दिल्ली सरकार ने अब तक 47 मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र लगाए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 100 मीट्रिक टन से अधिक क्षमता वाले 83 प्रेशर स्विंग एडसॉरप्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र लगाए जाने हैं। 27 अगस्त को हुई इस बैठक में बताया गया कि छह ऑक्सीजन संयंत्र 30 सितंबर तक, सात और संयंत्र 15 अक्तूबर तक और तीन अतिरिक्त संयंत्र 31 अक्तूबर तक शुरू होंगे।