पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में वायरल के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, अब राजधानी में बच्चों में भी वायरल बढ़ने लगा है। अस्पतालों में पहुंच रहे बच्चों को तेज बुखार और उल्टी-दस्त की समस्या सबसे अधिक है। कई बच्चों को गंभीर हालत में भर्ती करना पड़ रहा है। इनमें नवजात बच्चों की हालत ज्यादा खराब है।
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में यह बीमारियां तेजी से फैलती हैं इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर बच्चों को हल्का बुखार आ रहा है तो तुरंत चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए। लगभग सभी अस्पतालों के पीडियाट्रिक विभाग में पिछले एक सप्ताह से वायरल के मामलों में काफी इजाफा हो गया है। बच्चों में यह बुखार चार से छह दिन तक चल रहा है। साथ ही उन्हें खांसी-जुकाम भी है। कुछ बच्चों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
मधुकर रेनबो अस्पताल के जनरल पीडियाट्रिक विभाग के निदेशक डॉ. एसके नाकरा ने बताया कि बच्चों में वायरल फीवर के काफी ज्यादा मामले आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले 25 फीसदी बच्चों में बुखार, सर्दी, खांसी जैसे लक्षण होते हैं। कुछ सामान्य वायरल के मामले हैं, जबकि कुछ केस स्वाइन फ्लू के मामले भी आ रहे हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह घातक साबित हो सकता है।
आकाश अस्पताल के पीडियाट्रिक्स विभाग के डॉक्टर मीना जे. ने बताया कि ओपीडी में हर रोज बच्चों में वायरल के 50 से 60 फीसदी मामले आ रहे हैं। वायरल के कारण कई छोटे बच्चों की हालत गंभीर हो रही है, जिन्हें एनआईसीयू में भी भर्ती करना पड़ रहा है। दो सप्ताह से बच्चों में डेंगू के भी काफी ज्यादा मामले का रहे हैं।
समय पर इलाज जरूरी
डॉ. नाकरा ने कहा कि माता-पिता बच्चों को तब अस्पताल ला रहे हैं जब बुखार काफी तेज हो रहा है या एक-दो दिन तक नहीं उतर रहा। ऐसे में उनकी हालत गंभीर हो रही है। ऐसे में यह जरूरी है कि अगर किसी बच्चे को हल्का बुखार भी है तो तुरंत डॉक्टरों की सलाह लेनी चाहिए।
नहीं मिल रहा कोरोना
डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों की कोरोना जांच की जा रही है, लेकिन किसी में संक्रमण नहीं मिला है। अधिकतर बच्चों में सिर्फ वायरल और डेंगू ही मिल रहा है।
वायरल बुखार के लक्षण
गले में दर्द, सिरदर्द, बुखार, शरीर में दर्द, चिड़चिड़ापन, सर्दी-खांसी आदि।
ऐसे करें बचाव
- नियमित अंतराल पर हाथ धोएं।
- खांसते या छींकते समय टिश्यू पेपर या रुमाल का इस्तेमाल करें।
- वायरल फीवर आने पर डॉक्टर से संपर्क कर उचित दवा लें।
- रोजना हल्दी वाले दूध का सेवन करें।
- हल्का बुखार है तो दही, अचार आदि ठंडी चीजों का सेवन बिल्कुल न करें।