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भाजपा विधायकों को मार्शलों ने निकाला बाहरः डीटीसी बसों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार पर कर रहे थे बहस की मांग

Wed, 10 Mar 2021 07:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

- डीटीसी बसों की खरीदारी में कथित भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग कर रहे थे
- भाजपा विधायकों ने सदन में जमकर की सत्ता पक्ष के खिलाफ नारेबाजी
- विधानसभा अध्यक्ष ने कहा भ्रष्टाचारियों को हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखता है
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फाइल फोटो - फोटो : Agency
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को भाजपा के चार विधायकों को मार्शल आउट कर दिया गया। भाजपा विधायक दिल्ली परिवहन निगम द्वारा बसों की खरीद पर कथित भ्रष्टाचार पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे।

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विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के अनुमति नहीं देने पर विपक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया व सदन में ही नारेबाजी करने लगे। पहली बार तो हंगामा करने पर सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित किया गया, लेकिन फिर सदन शुरू होने पर हंगामा नहीं रूका तो चार विधायकों को मार्शलों ने सदन से बाहर कर दिया।

नियम 55 के तहत अल्पकालिक चर्चा में बढ़ती महंगाई को लेकर चर्चा के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विधायक विजेंद्र गुप्ता, ओपी शर्मा, जितेंद्र महाजन व अभय वर्मा महंगाई पर चर्चा की जगह डीटीसी में कथित भ्रष्टाचार पर चर्चा पर चर्चा की मांग कर रहे थे।
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विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने उनसे कहा कि वह इस मुद्दे पर गुरुवार को चर्चा की अनुमति देंगे, लेकिन भाजपा विधायक बुधवार को ही इस पर चर्चा कराने की अपनी मांग पर अड़े रहे। हंगामा नहीं रुकने पर गोयल ने सदन की कार्यवाही दोपहर सवा तीन बजे 15 मिनट के लिए यह कहते हुए स्थगित कर दी कि भ्रष्टाचारियों को हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखता है।

इसके बाद, जैसे ही सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विधायकों ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की दोबारा मांग शुरू कर दी। इसके बाद अध्यक्ष ने भाजपा विधायक विजेंदर गुप्ता को सदन से बाहर करने का निर्देश दिया। इसके बाद भाजपा के तीन अन्य विधायक मोहन सिंह बिष्ट, ओपी शर्मा व जीतेंद्र महाजन ने भी सीट से उठकर नारेबाजी शुरू कर दी। फिर सभी चार विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर कर दिया।

भाजपा विधायकों का कहना था कि दिल्ली सरकार द्वारा 1000 लो-फ्लोर सीएनजी बसों की खरीद में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। 27 नवंबर 2020 को डीटीसी बोर्ड की बैठक में इन बसों की खरीद पर मोहर लगाई गई थी, लेकिन बोर्ड मीटिंग के मिनट लगभग साढ़े तीन माह बीतने के बाद भी डीटीसी बोर्ड की वेबसाइट पर नहीं डाला गया। इसे लेकर भाजपा ने दिल्ली के उपराज्यपाल से भी शिकायत की है।

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